गोरखपुर के पांडेहाता से धर्मशाला बाजार तक बन रहे विरासत गलियारा परियोजना का निरीक्षण किया है।
उन्होंने अधिकारियों को इसमें तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि जिन दुकानदारों की दुकानें पूरी तरह प्रभावित या छोटी हो गई हैं, उन्हें नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानें दी जाएंगी ताकि किसी को नुकसान न हो।
साथ ही मुआवजे की प्राप्ति और रजिस्ट्री 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में भी गुणवत्ता पर कड़ा ध्यान देने को कहा और चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पांडेहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर, जटाशंकर चौराहा सहित अन्य जगहों का निरीक्षण किया, जहां विरासत गलियारे का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने दुकानदारों को उनके हितों की पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। विनाश एवं मलबा उठाने, तारों को भूमिगत करने और सड़क के स्लोप की व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, हुए मुआवजा विवादों को पारदर्शिता और न्यायसंगत तरीके से सुलझाने पर जोर दिया गया।यह परियोजना करीब 3.5 किलोमीटर लंबे गलियारे का विकास है, जिसने पुराने पानी नाले, सड़क चौड़ीकरण और नाले निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
15 नवंबर तक सड़क की रजिस्ट्री पूरी कराने की भी बात कही गयी है ताकि प्रभावितों को उनका कानूनी अधिकार जल्द से जल्द मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि गोरखपुर का विकास इस परियोजना से नई पहचान और सुविधा प्राप्त करेगा और शहर को एक आधुनिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
संक्षेप में, योगी आदित्यनाथ जी ने विरासत गलियारा की गति और मुआवजा/रजिस्ट्री प्रक्रिया को 15 नवंबर तक तेजी से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं।
प्रभावित दुकानदारों को नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकानें दी जाएंगी, और गुणवत्ता व पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ये विकास गोरखपुर के सामाजिक और आर्थिक हित में है
