यह लेख प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के बाद प्रयागराज में रेलवे स्टेशनों और रोडवेज बसों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण हुई समस्याओं के बारे में है।
सारांश:
पीईटी परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों ने रविवार को भी प्रयागराज में रेलवे और रोडवेज कर्मियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। परीक्षा के बाद, प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग, प्रयागराज छिवकी और प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशनों पर दोपहर के बाद आने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आरक्षित कोच भी सामान्य बोगी की तरह भर गए, जिससे आम यात्रियों को भी उमस भरी गर्मी में परेशानी हुई। इसी तरह, यूपी रोडवेज के सिविल लाइंस बस स्टेशन पर भी बसों को लेकर मारामारी मची रही।
मुख्य बिंदु:
- रेलवे में भीड़: दोपहर में ही वापसी के लिए अभ्यर्थी प्रयागराज जंक्शन पहुंचने लगे। उन्होंने जोधपुर-बदर, नार्थ ईस्ट, सीमांचल, हानदा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों की आरक्षित बोगियों में भी कब्जा कर लिया। रेलवे के सोशल मीडिया हैंडल पर भी भीड़ की शिकायतें आईं। प्रयागराज जंक्शन पर दोपहर के मुकाबले शाम के समय भीड़ ज्यादा रही, जिससे प्लेटफार्म पर जगह नहीं बची।
- रोडवेज बसों में भीड़ और समस्याएं: सिविल लाइंस बस स्टेशन पर दोपहर बाद से ही आजमगढ़, वाराणसी, अयोध्या रूट की बसों में खासी भीड़ रही। ग्रामीण रूटों पर चलने वाली मिनी बसें भी इन शहरों के लिए संचालित की गईं। कई परीक्षार्थी बसों में सीट पाने के लिए खिड़की के रास्ते घुसते दिखे।
- महिला अभ्यर्थियों की असहजता: भीड़ के कारण महिला परीक्षार्थियों को भी असहजता महसूस हुई। वाराणसी की गुंजन शर्मा और प्रयागराज की क्षमा श्रीवास्तव जैसी महिला अभ्यर्थियों ने रोडवेज से महिलाओं के लिए अलग बसें चलाने की मांग की.
- प्रशासनिक प्रतिक्रिया: क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि कई रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे भी लगाए गए।
- नौचंदी और सरयू एक्सप्रेस पर भीड़: नौचंदी और सरयू एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में चढ़ने के लिए परीक्षार्थियों की भीड़ ट्रैक पर ही जमा हो गई.
कुल मिलाकर, पीईटी परीक्षा के बाद प्रयागराज में परिवहन व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे यात्रियों और खासकर महिला अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
