सरयू नदी में तेजी से कटान के कारण चिल्लूपार क्षेत्र के तीन गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें ज्ञानकोल गांव जलमग्न घोषित कर दिया गया है.
मुख्य बिंदु:
- सरयू नदी का जलस्तर: पिछले चार दिनों से तेजी से बढ़ने के बाद शुक्रवार को स्थिर हो गया है, लेकिन अभी भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है.
- कटान का प्रभाव: नदी के तट पर बसे जैतपुर, ज्ञानकोल और बगहादेवार गांवों में आबादी के किनारे कटान तेज हो गया है. जैतपुर गांव की प्रधान सरिता देवी के अनुसार, गांव के कई लोगों के घर कटान की जद में हैं.
- ज्ञानकोल की स्थिति: ज्ञानकोल गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है और इसे जलमग्न घोषित कर दिया गया है. लोगों के आवागमन के लिए छह नावें लगाई गई हैं.
- फसलों का नुकसान: दियारा क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूब गई हैं, और कई गांवों के संपर्क मार्ग भी डूब गए हैं.
- बचाव कार्य: गंडक के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि जैतपुर गांव फ्लड प्लेन में होने के कारण वहां बचाव कार्य संभव नहीं है, क्योंकि नदी की धारा तेज है. ज्ञानकोल और बगहादेवार में कटान रोधी कार्य चल रहा है, लेकिन जैतपुर में अभी बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है.
- दाह संस्कार में परेशानी: बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ पर दाह संस्कार के लिए बने 34 प्लेटफॉर्म पानी में डूब गए हैं, जिससे दाह संस्कार में कठिनाई आ रही है.
- अधिकारियों का बयान: एसडीएम गोला अमित जायसवाल ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है और तहसील कर्मी बाढ़ क्षेत्र में डटे हुए हैं
