राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली में गैरहाजिर रहने पर गिरी गाज, यूथ कांग्रेस के 215 पदाधिकारी सस्पेंड; 8 राज्यों में कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में शामिल नहीं होने वाले युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों पर संगठन ने बड़ी कार्रवाई की है। रैली से गैरहाजिर रहने के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस ने अब तक 215 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आठ राज्यों की संगठनात्मक इकाइयों में की गई है।

इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। कार्यक्रम में कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के मुद्दे उठाए गए थे। रैली से पहले युवा कांग्रेस नेतृत्व ने राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों को कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद कई पदाधिकारी रैली में नहीं पहुंचे। इसके बाद संगठन ने उपस्थिति की समीक्षा की और अनुपस्थित पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।

आठ राज्यों में 215 पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई

युवा कांग्रेस की ओर से की गई कार्रवाई में आठ राज्यों के पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।

राज्यवार कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

राज्यनिलंबित पदाधिकारी
मध्य प्रदेश60
गुजरात49
झारखंड32
पश्चिम बंगाल26
तेलंगाना14
हिमाचल प्रदेश13
उत्तर प्रदेश (सेंट्रल)11
हरियाणा10
कुल215

संगठन की ओर से जारी कार्रवाई में अलग-अलग स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। निलंबन अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

राहुल गांधी की रैली में शामिल होने के दिए गए थे निर्देश

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की ओर से बड़ी रैली आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम का प्रमुख मुद्दा चुनावी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोप थे।

राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए थे। विपक्षी नेताओं ने भी चुनावी पारदर्शिता को लेकर अपनी बात रखी थी।

युवा कांग्रेस नेतृत्व ने इस कार्यक्रम को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे।

डिजिटल अटेंडेंस से रखी गई थी नजर

रैली में पदाधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था भी की गई थी। दिल्ली के मिंटो रोड स्थित एकत्रीकरण स्थल पर बारकोड स्कैनर लगाए गए थे।

पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन के आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी थी।

संगठन की जानकारी के अनुसार, मिंटो रोड पर लगभग 15 हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया गया था, लेकिन डिजिटल माध्यम से केवल 2,831 लोगों की उपस्थिति दर्ज हुई।

इसके बाद संगठन ने उपस्थिति का आकलन किया। समीक्षा में कई पदाधिकारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में निलंबन की कार्रवाई की गई।

उत्तर प्रदेश के 11 पदाधिकारी भी निलंबित

इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश की केंद्रीय संगठनात्मक इकाई के 11 पदाधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।

मध्य प्रदेश में 60 पदाधिकारियों का निलंबन सबसे अधिक है। गुजरात में 49 और झारखंड में 32 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

इस घटनाक्रम से युवा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

निलंबित पदाधिकारियों ने भी रखी अपनी बात

कार्रवाई के बाद कुछ पदाधिकारियों ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण बताए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बीमारी और अन्य जरूरी परिस्थितियों के कारण वे दिल्ली नहीं पहुंच सके।

वहीं, डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने में इंटरनेट की समस्या और तकनीकी दिक्कतों की बात भी सामने आई है।

दूसरी तरफ संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निलंबित पदाधिकारी अपना पक्ष रखने के बाद

संगठन में दोबारा जिम्मेदारी हासिल कर पाते हैं या नहीं।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. राहुल गांधी की रैली में शामिल नहीं होने पर कितने पदाधिकारी सस्पेंड हुए?

भारतीय युवा कांग्रेस ने कुल 215 पदाधिकारियों को निलंबित किया है।

Q2. रामलीला मैदान में रैली कब आयोजित हुई थी?

यह रैली 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुई थी।

Q3. सबसे ज्यादा पदाधिकारी किस राज्य में सस्पेंड हुए?

मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।

Q4. उत्तर प्रदेश से कितने पदाधिकारी निलंबित हुए हैं?

उत्तर प्रदेश की सेंट्रल इकाई के 11 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।

Q5. पदाधिकारियों को किस वजह से सस्पेंड किया गया?

रैली में शामिल नहीं होने और संगठन के निर्देशों का पालन नहीं करने के आधार पर कार्रवाई की गई है

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