नई दिल्ली | 1 नवंबर 2026
देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, बढ़ती बीमारियों और उनकी रोकथाम को लेकर India Today Health Wealth Summit 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने चिकित्सा व्यवस्था, जनस्वास्थ्य और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन की उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह दो दिवसीय आयोजन 29 और 30 अक्टूबर 2026 को नोएडा में हुआ था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 29 अक्टूबर को इसका उद्घाटन किया था। इसलिए खबर में 1 नवंबर के बजाय आयोजन की वास्तविक तारीख दी जा रही है।
मुख्य समाचार
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Health Wealth Summit 2026 का आयोजन किया गया। नोएडा में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, देश के वरिष्ठ चिकित्सकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फिटनेस क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के सामने मौजूद स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करना और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए प्रभावी उपायों को सामने लाना रहा। इसमें हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह, फैटी लिवर, बच्चों की आंखों की समस्याओं और बदलती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
जेपी नड्डा ने स्वस्थ भारत को बताया विकसित भारत की आधारशिला
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की आबादी का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे, मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में एम्स संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक मेडिकल शिक्षा में 75 हजार अतिरिक्त स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें जोड़ना है। इससे भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इलाज से ज्यादा जरूरी है बीमारियों की समय पर पहचान
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि गंभीर बीमारी होने के बाद इलाज कराने के बजाय उसके जोखिम को पहले पहचानना अधिक प्रभावी हो सकता है। इसके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियां और समय पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि आज कम उम्र के लोगों में भी हृदय रोग और मोटापे से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। शरीर में बढ़ती चर्बी, खराब कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और पारिवारिक चिकित्सा इतिहास को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
युवाओं में बढ़ते हृदय रोग और मोटापे पर चिंता
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक सेठ और मोटापा विशेषज्ञ डॉ. अनूप मिश्रा ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोग और मोटापे के खतरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि केवल शरीर का वजन देखकर किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य का सही आकलन नहीं किया जा सकता। पेट और आंतरिक अंगों के आसपास जमा वसा भी कई बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों ने कोलेस्ट्रॉल की जांच, पारिवारिक स्वास्थ्य इतिहास और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की आवश्यकता बताई। वजन कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल भी बिना डॉक्टर की सलाह नहीं करने की चेतावनी दी गई।
खानपान और फैटी लिवर की समस्या पर विशेषज्ञों की सलाह
लिवर विशेषज्ञ डॉ. एसके सरीन ने खानपान और जीवनशैली को स्वस्थ रखने पर जोर दिया। उन्होंने महंगे सप्लीमेंट पर निर्भर रहने के बजाय घर के पौष्टिक भोजन, हरी सब्जियों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
उन्होंने फैटी लिवर, चीनी के अधिक सेवन और खानपान की गलत आदतों से होने वाले नुकसान पर भी चर्चा की। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित भोजन कई जीवनशैली संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
बच्चों की आंखों और स्क्रीन के इस्तेमाल पर भी चर्चा
सम्मेलन में बच्चों की आंखों की सेहत और बढ़ती मायोपिया यानी निकट दृष्टिदोष की समस्या पर भी ध्यान दिया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय सही दूरी बनाए रखना चाहिए।
पलकें झपकाते रहना और पर्याप्त समय खुले वातावरण में बिताना आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आनुवंशिक अनुसंधान, आधुनिक चिकित्सा तकनीक, योग, आयुर्वेद और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
कुल मिलाकर Health Wealth Summit 2026 ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ भारत का निर्माण केवल अस्पतालों और दवाओं की संख्या बढ़ाने से नहीं होगा। इसके लिए लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, बेहतर जीवनशैली और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की समान उपलब्धता भी आवश्यक है।
Heading
भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
युवाओं में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियां बनी चिंता
आधुनिक तकनीक और शुरुआती जांच से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद
विकसित भारत 2047 के लिए स्वस्थ नागरिकों की भूमिका
Facts / Details
तथ्य और प्रमुख जानकारियां)
Health Wealth Summit 2026 से जुड़ी प्रमुख जानकारियां:
- 1 आयोजन: Health Wealth Summit 2026
- 2 आयोजन की तारीख: 29 और 30 अक्टूबर 2026
- 3 स्थान: इंडिया टुडे मीडिया प्लेक्स, फिल्म सिटी, नोएडा
- 4 उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
- 5 मुख्य विषय: स्वास्थ्य व्यवस्था, बीमारियों की रोकथाम और आधुनिक चिकित्सा
- 6 मेडिकल शिक्षा लक्ष्य: 2029 तक 75 हजार अतिरिक्त मेडिकल सीटें
- 7 प्रमुख चर्चाएं: हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह, फैटी लिवर और मानसिक स्वास्थ्य
- 8 अन्य विषय: AI, डिजिटल हेल्थ, योग और आयुर्वेद
- 9 मुख्य उद्देश्य: स्वस्थ भारत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देना।
Statement
सम्मेलन में सामने आया प्रमुख संदेश यह रहा कि स्वास्थ्य को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान, व्यायाम और समय पर चिकित्सकीय परामर्श
गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
सवाल 1: Health Wealth Summit 2026 का आयोजन कब हुआ?
जवाब: इस सम्मेलन का आयोजन 29 और 30 अक्टूबर 2026 को किया गया।
सवाल 2: Health Wealth Summit 2026 कहां आयोजित हुआ?
जवाब: इसका आयोजन नोएडा की फिल्म सिटी स्थित इंडिया टुडे मीडिया प्लेक्स में हुआ।
सवाल 3: सम्मेलन का उद्घाटन किसने किया?
जवाब: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
सवाल 4: सम्मेलन में किन बीमारियों पर चर्चा हुई?
जवाब: हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह, फैटी लिवर और बच्चों की आंखों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई।
सवाल 5: मेडिकल शिक्षा को लेकर सरकार का क्या लक्ष्य बताया गया?
जवाब: वर्ष 2029 तक मेडिकल शिक्षा में 75 हजार अतिरिक्त स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें जोड़ने का लक्ष्य बताया गया।
(निष्कर्ष)
Health Wealth Summit 2026 ने भारत में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और बीमारियों की रोकथाम की आवश्यकता को सामने रखा।
स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
