राकेश शर्मा की रिपोर्ट
जैती-बेलघाट में लौह पुरुष को पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि, प्राचार्य डॉ. सर्वेश दुबे ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का किया आह्वान
गोरखपुर। पण्डित हरिसहाय पीजी कॉलेज, जैती-बेलघाट में देश के प्रथम गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दुबे ने की। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निभाई ऐतिहासिक भूमिका
प्राचार्य डॉ. सर्वेश दुबे ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुशासन के लिए समर्पित रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होंने देश की 500 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके दृढ़ नेतृत्व और प्रशासनिक कुशलता ने एक मजबूत और एकीकृत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता, निर्णय लेने की क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचारों और आदर्शों को अपनाकर ही एक मजबूत, संगठित और विकसित राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील
डॉ. दुबे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दक्षता से सीख लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन मनाया जाने वाला आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव को बनाए रखने के लिए सभी को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने
देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने की शपथ ली। उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के
आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता मृत्युंजय कुमार त्रिपाठी ने किया। उन्होंने आयोजन को
सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार की सहभागिता की सराहना की।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन,
उनके राष्ट्रवादी विचारों और देश की एकता के महत्व से परिचित कराया गया।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. पण्डित हरिसहाय पीजी कॉलेज में सरदार पटेल की जयंती किस रूप में मनाई गई?
महाविद्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई।
2. कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
कार्यक्रम पण्डित हरिसहाय पीजी कॉलेज, जैती-बेलघाट, गोरखपुर के परिसर में आयोजित हुआ।
3. कार्यक्रम की अध्यक्षता किसने की?
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दुबे ने की।
4. सरदार पटेल को लौह पुरुष क्यों कहा जाता है?
देश की एकता और स्वतंत्रता के बाद रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में
उनके दृढ़ नेतृत्व और महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है।
5. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्या संकल्प लिया?
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली।
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