मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में एक बार फिर परिवार और रिश्तों से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस द्वारा उस मकान की सील खोले जाने के बाद, जहां सौरभ राजपूत की हत्या हुई थी, घर में मौजूद सामान, तस्वीरों और बच्ची की बनाई ड्राइंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों के अनुसार, घर में ऐसी कोई पारिवारिक तस्वीर नहीं मिली जिसमें सौरभ दिखाई दे रहे हों। आरोप है कि मुस्कान अपनी बेटी पीहू को उसके पिता से भावनात्मक रूप से दूर रखती थी।
घर की तस्वीरों और ड्राइंग में नहीं दिखे सौरभ
मामले से जुड़े विवरण के मुताबिक, पुलिस ने गुरुवार को उस किराये के मकान की सील खोली, जहां सौरभ की हत्या की गई थी। इसके बाद घर में मौजूद सामान और तस्वीरों को देखा गया। सौरभ के परिजनों ने बताया कि मकान में परिवार की ऐसी तस्वीर नहीं मिली, जिसमें सौरभ मौजूद हों।
घर में बच्ची के खिलौने, कपड़े, पालना और अन्य सामान मौजूद थे। लेकिन परिवार की साझा तस्वीरें या सौरभ से जुड़ी यादगार चीजें नहीं मिलने की बात सामने आई। पीहू की ड्राइंग कॉपी में भी मां-बेटी के चित्र होने और पिता का चित्र दिखाई नहीं देने का दावा किया गया है।
दस्तावेजों में भी पिता के नाम को लेकर सवाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्ची का नाम अमायरा रस्तोगी दर्ज है, जबकि उसे परिवार में पीहू कहकर बुलाया जाता है। दस्तावेजों में पिता सौरभ का नाम दर्ज नहीं होने की बात भी सामने आई है।
परिजनों का आरोप है कि मुस्कान बेटी को सौरभ से दूर रखती थी और उसे अपने प्रेमी साहिल के साथ अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करती थी। हालांकि, इन बातों को परिवार की ओर से सामने आए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि और उनका पूरा संदर्भ महत्वपूर्ण है।
मुस्कान जेल में बेटी से मिलने की जता रही इच्छा
इस मामले में एक और पहलू सामने आया है। जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान अपनी बड़ी बेटी पीहू से मिलने की इच्छा जता चुकी है। उसे बताया गया था कि वह जेल नियमों के तहत अपने
परिजनों को पत्र लिखकर बच्ची से मुलाकात कराने का अनुरोध कर सकती है।
वहीं, बच्ची फिलहाल अपने ननिहाल में रह रही है। उसकी देखभाल और भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले में बच्ची की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और
बेहतर भविष्य को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।
सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मिली है मृत्युदंड की सजा
मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे
नीले ड्रम में छिपाया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और
साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। दोनों ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हाईकोर्ट ने उनकी अपीलों पर अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
पीहू के भविष्य को लेकर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे संवेदनशील पहलू बच्ची का भविष्य है। माता-पिता के बीच हुए विवाद और
गंभीर आपराधिक मामले का असर उसके बचपन पर पड़ सकता है। घर में मिली तस्वीरों और
ड्राइंग को लेकर सामने आए दावों ने परिवार के रिश्तों पर नए सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, किसी बच्ची की भावनाओं या उसके साथ हुए व्यवहार के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से
पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और बच्ची की देखभाल तथा
सुरक्षा को लेकर परिवार और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है
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