Gorakhpur Weather Update: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। लगातार बारिश, तेज हवाओं और आसमान में छाए बादलों के कारण गोरखपुर और बस्ती समेत आसपास के जिलों में ठंड का एहसास बढ़ गया है। गोरखपुर में अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अक्टूबर के पिछले 57 वर्षों के उपलब्ध रिकॉर्ड में तीसरा सबसे कम अधिकतम तापमान है। वहीं, बस्ती में अक्टूबर महीने के तापमान ने 1989 के बाद पहली बार इतना निचला स्तर दर्ज किया है। मौसम विभाग ने शनिवार से बारिश कमजोर पड़ने और अगले सप्ताह मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं।
Gorakhpur Weather: अक्टूबर में अचानक बढ़ी ठंड, दिन में भी होने लगा सर्दी का एहसास
गोरखपुर। अक्टूबर का महीना आमतौर पर हल्की ठंड की शुरुआत और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने अप्रत्याशित रूप ले लिया है। चक्रवात अर्नब के अवशेष और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हुई। इसके चलते दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
गोरखपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 22.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह सामान्य से 9.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। अक्टूबर 1969 से 2026 तक उपलब्ध मौसम रिकॉर्ड के अनुसार, यह इस महीने का तीसरा सबसे कम अधिकतम तापमान है।
इससे पहले वर्ष 2005 में अक्टूबर के दौरान अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस और वर्ष 2013 में 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बार अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही तापमान का इतना नीचे पहुंचना मौसम के असामान्य बदलाव को दर्शाता है।
Basti Weather: 35 साल बाद अक्टूबर में इतनी ठंड, तापमान में बड़ी गिरावट
गोरखपुर के साथ बस्ती जिले में भी मौसम का असर देखने को मिला है। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण यहां दिन के तापमान में लगभग नौ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1989 के बाद पहली बार अक्टूबर महीने में बस्ती का अधिकतम तापमान इस स्तर तक नीचे पहुंचा है। इससे पहले अक्टूबर के दौरान इतनी कम गर्मी महसूस नहीं की गई थी।
अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को सुबह और शाम ही नहीं, बल्कि दिन में भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।
चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ ने कैसे बदला मौसम?
मौसम में अचानक आए बदलाव के पीछे दो प्रमुख मौसमी परिस्थितियों का प्रभाव माना जा रहा है।
पहला, चक्रवात अर्नब के अवशेषों से बने मौसमी सिस्टम का प्रभाव और दूसरा, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ।
इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की स्थिति भी बनी। लगातार बादल छाए रहने और सूर्य की रोशनी कम मिलने के कारण अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट आई।
आमतौर पर अक्टूबर के आखिरी दिनों में दिन के समय धूप निकलने से मौसम सामान्य रहता है, लेकिन इस बार बारिश और ठंडी हवाओं ने समय से पहले सर्दी का एहसास करा दिया।
Gorakhpur Weather Forecast: शनिवार से कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। इसके बाद आसमान से बादल छंटने लगेंगे और मौसम में सुधार देखने को मिल सकता है।
अगले एक सप्ताह के दौरान दिन के अधिकतम तापमान में लगभग पांच से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इससे दिन के समय ठंड का असर कुछ कम हो सकता है।
हालांकि, रात के न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
इसका मतलब है कि दिन में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है,
लेकिन रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 30 अक्टूबर के गोरखपुर पूर्वानुमान में भी 31 अक्टूबर से बारिश की
गतिविधियां सीमित होने और आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान बढ़ने के संकेत दिए गए हैं।
अगले सात दिनों में कैसा रहेगा गोरखपुर का मौसम?
मौसम विभाग के 30 अक्टूबर को जारी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार गोरखपुर में
अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है।
- 31 अक्टूबर: अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान।
- आंशिक बादल और कहीं-कहीं बारिश की संभावना।
- 1 नवंबर: अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस। आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
- 2 नवंबर: अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस।
- 3 नवंबर: अधिकतम 31 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस। आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना।
- 4 नवंबर: अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस।
- 5 नवंबर: अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस।
इस पूर्वानुमान से स्पष्ट है कि बारिश का दौर कमजोर होने के बाद दिन के
तापमान में सुधार हो सकता है, जबकि रात का मौसम ठंडा बना रह सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए मौसम का क्या होगा असर?
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है।
इसका प्रभाव खेती-किसानी और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है।
पूर्वांचल के कई इलाकों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार है।
ऐसे में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल गिरने, कटाई में देरी होने और
खुले स्थानों पर रखी उपज के भीगने का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों को सलाह है कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही कटाई और
मड़ाई का काम करें। कटी हुई फसल को खुले स्थान पर रखने से बचें और
बारिश की संभावना होने पर उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें।
वहीं, आम लोगों को सुबह और रात के समय बदलते तापमान को देखते हुए
सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के बाद ठंडी हवाओं और तापमान में
उतार-चढ़ाव से बचने के लिए मौसम के अनुरूप कपड़े पहनना बेहतर रहेगा।
निष्कर्ष: नवंबर की शुरुआत में दिन में राहत, रात में बढ़ सकती है ठंड
गोरखपुर और बस्ती में अक्टूबर के अंतिम दिनों में दर्ज तापमान की गिरावट ने
सर्दी की दस्तक का एहसास करा दिया है। चक्रवात अर्नब के अवशेष और पश्चिमी विक्षोभ के
प्रभाव से हुई बारिश ने दिन के तापमान को काफी नीचे पहुंचा दिया।
हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से बारिश कमजोर पड़ सकती है और
अगले सप्ताह दिन में तापमान बढ़ने की संभावना है। इसके विपरीत रात के
न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम ठंड का असर बढ़ सकता है।
ऐसे में नवंबर की शुरुआत में पूर्वांचल के लोगों को दिन और रात के मौसम में अंतर महसूस हो सकता है।
आने वाले दिनों में मौसम किस तरह करवट लेता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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