कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सलाह दी है कि वह कांग्रेस नेता को गंभीरता से ले। थरूर का कहना है कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में खासकर युवा मतदाताओं के बीच नया उत्साह पैदा किया है। उनके मुताबिक, भाजपा को इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए, न कि राहुल गांधी को कमजोर नेता के रूप में पेश करने की कोशिश करनी चाहिए।
थरूर का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए बिना राहुल गांधी का नाम लिए ‘फेल प्रोडक्ट’ कहा था। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
शशि थरूर ने भाजपा को क्या सलाह दी?
शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी ने हाल के महीनों में विशेष रूप से युवा मतदाताओं के बीच उत्साह पैदा किया है। उनके अनुसार, भाजपा को इस राजनीतिक बदलाव को गंभीरता से समझने और उस पर ध्यान देने की जरूरत है।
थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता पर ध्यान दे रही है। उनके मुताबिक, इसी वजह से राहुल गांधी को नकारात्मक तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है।
थरूर की टिप्पणी कांग्रेस के लिए राजनीतिक समर्थन के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, युवा मतदाताओं के बीच राहुल गांधी की लोकप्रियता कितनी बढ़ी है, इसका आकलन करने के लिए स्वतंत्र सर्वेक्षणों और चुनावी आंकड़ों को देखना जरूरी होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की थी?
22 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस के नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा था कि पार्टी अपने ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने की कोशिश में देश के हितों को दांव पर लगा रही है। उन्होंने श्रीहरिकोटा से होने वाले रॉकेट लॉन्च का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के नेतृत्व को बार-बार आगे बढ़ाने की कोशिश पर व्यंग्य किया था।
प्रधानमंत्री ने उस टिप्पणी में राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन बयान को राहुल गांधी पर निशाने के रूप में देखा गया।
इससे पहले भी भाजपा के कई नेता राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका और कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता भाजपा की आलोचना करते हुए दावा करते हैं कि विपक्ष की आवाज को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र पर थरूर का जवाब
थरूर ने कांग्रेस के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को लेकर उठने वाले सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्होंने कई बार ऐसे विचार व्यक्त किए हैं, जो पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग थे। इसके बावजूद वह कांग्रेस में बने हुए हैं और संसदीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
थरूर ने कहा कि अलग विचार रखने का मतलब यह नहीं है कि किसी नेता को पार्टी से बाहर कर दिया जाए। उन्होंने कांग्रेस में अपनी भूमिका और विदेश मामलों से संबंधित संसदीय समिति की अध्यक्षता का उदाहरण देकर अपनी बात रखी।
उनकी यह प्रतिक्रिया उस राजनीतिक बहस के संदर्भ में आई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी परिवार के प्रभाव और कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग का मुद्दा भी चर्चा में
राहुल गांधी हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण
(SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मतदाता
सूची की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त पारदर्शिता जरूरी है।
वहीं, ऐसे आरोपों और उनके जवाबों का आकलन संबंधित दस्तावेजों तथा
चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में राहुल गांधी को लेकर प्रधानमंत्री की टिप्पणी और थरूर की
प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस के नेतृत्व, विपक्ष की रणनीति और
युवा मतदाताओं के रुझान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
आगे क्या होगा?
शशि थरूर के बयान ने राहुल गांधी के राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा फिर
तेज कर दी है। थरूर का मानना है कि युवा मतदाताओं के बीच राहुल गांधी के प्रति
उत्साह बढ़ा है और भाजपा को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी कांग्रेस के नेतृत्व पर भाजपा के हमले को दर्शाती है।
आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति, युवा मतदाताओं से
उसका संपर्क और विपक्षी दलों के अभियान इस बहस को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, किसी नेता की लोकप्रियता या चुनावी प्रभाव का अंतिम आकलन केवल
राजनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि सर्वेक्षणों और चुनावी परिणामों जैसे ठोस संकेतकों से किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष: शशि थरूर ने भाजपा को राहुल गांधी को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने युवा मतदाताओं के बीच नया उत्साह पैदा किया है।
यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के ‘फेल प्रोडक्ट’ वाले तंज के बाद आई है और
इससे भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. शशि थरूर ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
थरूर ने कहा कि राहुल गांधी ने हाल के महीनों में खासकर युवा मतदाताओं के बीच
उत्साह पैदा किया है और भाजपा को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘फेल प्रोडक्ट’ टिप्पणी कब की थी?
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस के नेतृत्व पर तंज कसते हुए
यह टिप्पणी की थी। उन्होंने राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया था।
3. थरूर ने भाजपा को क्या सलाह दी?
उन्होंने भाजपा से राहुल गांधी के प्रति युवा मतदाताओं के रुझान को
गंभीरता से देखने और राजनीतिक बदलाव पर ध्यान देने की सलाह दी।
4. क्या राहुल गांधी की युवा मतदाताओं में लोकप्रियता बढ़ने की पुष्टि हुई है?
यह शशि थरूर का आकलन है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए विश्वसनीय सर्वेक्षणों और चुनावी आंकड़ों को देखना जरूरी है।
5. थरूर ने कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र पर क्या कहा?
उन्होंने अपने उदाहरण से कहा कि पार्टी में अलग विचार रखने के बावजूद वह कांग्रेस में बने हुए हैं और
संसदीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
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