मिशन शक्ति 6.0 के तहत साइबर अपराधों से बचाव की पहल

वाराणसी, 22 अक्टूबर 2026

दशहरा 2026 के अवसर पर मिशन शक्ति 6.0 के तहत वाराणसी परिक्षेत्र में साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। पुलिस ने महिलाओं सहित आम नागरिकों को फर्जी लिंक, नौकरी के झांसे और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी है।

मुख्य समाचार

त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों को रोकने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी परिक्षेत्र नवीन अरोरा के नेतृत्व में मिशन शक्ति 6.0 के तहत लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की पहल की गई है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को ठगों के नए तरीकों की जानकारी देना और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

पुलिस के अनुसार, त्योहारों के समय सस्ते सामान, आकर्षक उपहार, कम समय में अधिक लाभ और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। साइबर अपराधी फोन कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। कई बार अनजान लिंक पर क्लिक करवाकर या फाइल डाउनलोड कराकर मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है।

फर्जी वीडियो और गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी

साइबर ठगी का एक तरीका लोगों को डराकर पैसे ऐंठना भी है। ठग फर्जी वीडियो कॉल, मनगढ़ंत आरोप या गिरफ्तारी का भय दिखाकर पीड़ित से तत्काल पैसे भेजने के लिए कह सकते हैं। ऐसे मामलों में घबराकर रकम ट्रांसफर करने के बजाय संबंधित जानकारी की आधिकारिक माध्यम से जांच करनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या निजी दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए।

वाराणसी में साइबर ठगी से बचाव को जागरूकता अभियान शुरू

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फाइल, ऐप या लिंक को बिना जांचे न खोलें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचें और असामान्य रूप से कम कीमत या ज्यादा मुनाफे के लालच में न आएं। नौकरी दिलाने या इनाम देने के नाम पर अग्रिम भुगतान मांगने वालों से विशेष सावधानी बरतें।

महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष जोर

मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं को डिजिटल माध्यमों पर अपनी निजता सुरक्षित रखने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं से अपील की गई है कि वे अपनी निजी जानकारी और तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचें तथा सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग्स को उचित तरीके से रखें। सोशल मीडिया पर मित्र सूची और व्यक्तिगत पोस्ट की पहुंच सीमित रखना भी उपयोगी सावधानी हो सकती है।

यदि किसी महिला को अश्लील संदेश, आपत्तिजनक सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न या निजी तस्वीरों के दुरुपयोग की धमकी मिलती है, तो उसे डरकर चुप नहीं रहना चाहिए। उपलब्ध संदेश, स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल लिंक, फोन नंबर और अन्य डिजिटल प्रमाण सुरक्षित रखें। इसके बाद संबंधित पुलिस या साइबर अपराध शिकायत माध्यम पर सूचना दें। शिकायत के लिए सबूत जुटाते समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और आपत्तिजनक सामग्री को अनावश्यक रूप से दूसरों के साथ साझा न करें।

बैंक खाते और निजी जानकारी को लेकर रहें सतर्क

पुलिस ने नागरिकों को चेताया है।

वे किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या भुगतान संबंधी जानकारी इस्तेमाल करने के लिए न दें। किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में रकम प्राप्त करके आगे भेजना भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

अपने बैंक खाते और भुगतान ऐप का इस्तेमाल केवल अपने नियंत्रण में रखें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है।

उसे जल्द से जल्द राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देनी चाहिए।

इसके साथ ही आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

शिकायत में लेनदेन का विवरण, बैंक का संदेश, संदिग्ध मोबाइल नंबर और उपलब्ध स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना उपयोगी होता है।

समय पर सूचना देने से संबंधित एजेंसियों को लेनदेन पर कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है,

हालांकि रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।

पुलिस का यह अभियान लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान करते समय सावधानी बरतना ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

Facts/Details

  • अभियान: मिशन शक्ति 6.0 के तहत साइबर जागरूकता।क्षेत्र: वाराणसी पुलिस परिक्षेत्र।
  • पुलिस अधिकारी: अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा।मुख्य खतरे: फर्जी लिंक, नौकरी का झांसा, उपहार के नाम पर ठगी और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगना।
  • महिलाओं के लिए सलाह: सोशल मीडिया की गोपनीयता सेटिंग्स मजबूत रखें और ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रमाण सुरक्षित रखें।
  • साइबर ठगी हेल्पलाइन: 1930।
  • प्रमुख सावधानी: ओटीपी, पासवर्ड, बैंक विवरण और निजी तस्वीरें अनजान लोगों के साथ साझा न करें।

Statement

पुलिस की अपील है कि नागरिक किसी भी लालच, धमकी या जल्दबाजी में आकर ऑनलाइन भुगतान न करें।

संदिग्ध कॉल या संदेश की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।

महिलाओं को ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध डिजिटल प्रमाण सुरक्षित रखते हुए शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना देना और बैंक को इसकी जानकारी देना भी जरूरी है।

FAQ

1. वाराणसी परिक्षेत्र में साइबर जागरूकता अभियान क्यों शुरू किया गया है?

मिशन शक्ति 6.0 के तहत लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और डिजिटल उत्पीड़न से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया गया है।

2. साइबर ठगी होने पर किस नंबर पर शिकायत करें?

वित्तीय साइबर ठगी की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

3. फर्जी गिरफ्तारी की धमकी मिलने पर क्या करें?

घबराकर पैसे न भेजें। कॉल या संदेश की सत्यता आधिकारिक माध्यम से जांचें और जरूरत पड़ने पर पुलिस से संपर्क करें।

4. महिलाओं को सोशल मीडिया पर क्या सावधानी रखनी चाहिए?

निजी जानकारी सीमित रखें, अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग्स मजबूत करें और आपत्तिजनक संदेश या धमकी मिलने पर डिजिटल प्रमाण सुरक्षित रखें।

5. ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?

अनजान लिंक और फाइल न खोलें, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें और नौकरी, इनाम या अधिक मुनाफे के लालच में अग्रिम भुगतान करने से बचें।

Conclusion

वाराणसी परिक्षेत्र में मिशन शक्ति 6.0 के तहत शुरू किया गया साइबर जागरूक

अभियान नागरिकों और महिलाओं को ऑनलाइन अपराधों से बचाने की दिशा में अहम कदम है।

सतर्कता, निजी जानकारी की सुरक्षा और समय पर शिकायत साइबर ठगी से बचाव में मदद कर सकती है।

वाराणसी परिक्षेत्र में मिशन शक्ति 6.0 के तहत साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान

वाराणसी में साइबर ठगी से बचाव को जागरूकता अभियान शुरू

प्रकाशन सुझाव: मुख्य खबर के साथ साइबर हेल्पलाइन 1930 को प्रमुखता दें।

खबर में हेल्पलाइन का उल्लेख है, लेकिन इसे रकम वापस मिलने की गारंटी के रूप में प्रस्तुत न करें।