महराजगंज: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठान को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वीडियो एडिटिंग की मदद से ऐसा वीडियो तैयार किया, जिसमें एसएसबी कैंप में विस्फोट होते हुए दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
नौ सेकेंड के वीडियो में दिखाया गया नकली धमाका
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो करीब नौ सेकेंड का था। इसमें युवक को खेत में खड़े होकर कैमरे की तरफ इशारा करते हुए दिखाया गया। इसके बाद एडिटिंग के जरिए उसके पीछे स्थित 22वीं वाहिनी एसएसबी कैंप में विस्फोट और आग की लपटें दिखाई गईं।
वीडियो पर चुनौतीपूर्ण अंदाज में एक आपत्तिजनक संदेश भी लिखा गया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि कैंप में वास्तव में ऐसा कोई विस्फोट नहीं हुआ था और वीडियो को डिजिटल तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया था।
फैयाज अहमद गिरफ्तार
मामला परसामलिक थाना क्षेत्र के सेवतरी स्थित एसएसबी कैंप से जुड़ा है। पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद सेवतरी निवासी फैयाज अहमद को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच के जरिए युवक की पहचान की गई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके खिलाफ शांति भंग से संबंधित कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया अकाउंट से हटवाया गया वीडियो
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच की।
वायरल हो चुके आपत्तिजनक वीडियो को अकाउंट से हटवाया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और
इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित फर्जी या
भ्रामक सामग्री फैलाने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क
एसएसबी कैंप भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील प्रतिष्ठान है।
ऐसे में कैंप को निशाना बनाकर फर्जी विस्फोट का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ सुरक्षा और
खुफिया एजेंसियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया।
डिजिटल माध्यम से वीडियो के स्रोत का पता लगाने के बाद आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
पुलिस अब उसकी अन्य सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
लाइक और फॉलोअर्स के लिए वीडियो बनाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर
वीडियो और रील बनाता था। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में उसने
सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक, व्यू और फॉलोअर्स हासिल करने के
उद्देश्य से वीडियो बनाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को दी चेतावनी
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा बलों, सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील
प्रतिष्ठानों से संबंधित फर्जी, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री तैयार कर
उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। ऐसी सामग्री से कानून-व्यवस्था और
सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों और वीडियो तैयार करने से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है।
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