डंडवापार माफी में एचयूआरएल ने शुरू किया निःशुल्क मृदा परीक्षण केंद्र

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर के गोला क्षेत्र के डंडवापार माफी में किसानों को खेत की मिट्टी की जांच की सुविधा देने के लिए मृदा परीक्षण केंद्र शुरू किया गया है। एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. एसपी मोहंती ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए किसानों से मिट्टी की जांच के बाद ही उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की।

मुख्य खबर

गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र में किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की गई है। हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की ओर से डंडवापार माफी में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। शनिवार को एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. एसपी मोहंती ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान डॉ. एसपी मोहंती ने कहा कि खेती में बेहतर उत्पादन के लिए खेत की मिट्टी की स्थिति और उसमें उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। मृदा परीक्षण के माध्यम से किसानों को यह पता चल सकेगा कि उनकी जमीन में किन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा है और किनकी कमी है। इसके आधार पर किसान फसल की आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बिना मिट्टी की जांच कराए मनमाने तरीके से उर्वरकों का प्रयोग न करें। जरूरत से अधिक उर्वरक डालने से मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता प्रभावित हो सकती है। मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का इस्तेमाल करने से मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है।

डंडवापार माफी में पूर्वांचल का पहला केंद्र

एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक ने बताया कि कंपनी की ओर से उत्तर प्रदेश में कुल 10 मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। डंडवापार माफी में शुरू किया गया केंद्र पूर्वांचल का पहला केंद्र है। इससे गोला क्षेत्र और आसपास के गांवों के किसानों को स्थानीय स्तर पर मिट्टी की जांच कराने की सुविधा मिलेगी।

केंद्र का संचालन द्विवेदी बीज भंडार के रिटेलर रतन दुबे के सहयोग से किया जाएगा। यहां किसानों के लिए मृदा परीक्षण निःशुल्क रखा गया है। इससे किसानों को मिट्टी की जांच के लिए दूर के केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक इस्तेमाल की सलाह

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी किसानों को मिट्टी की जांच कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेत में उर्वरक का प्रयोग मिट्टी की वास्तविक जरूरत के आधार पर किया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार उर्वरक डालने से अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिल सकती है।

विधायक ने कहा कि खेती की उत्पादकता के लिए मिट्टी का स्वस्थ रहना जरूरी है। यदि मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहेगा तो किसानों को बेहतर फसल उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की।

मिट्टी की सेहत सुधारने की दिशा में पहल

एचयूआरएल के एवीपी जोगेश कक्कड़ और चीफ मैनेजर संजय कुमार ने मृदा परीक्षण केंद्र की शुरुआत को किसानों और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती को बढ़ावा देने में मृदा परीक्षण की अहम भूमिका है।

मृदा जांच के जरिए किसान अपनी जमीन की स्थिति को समझकर फसल और उर्वरक प्रबंधन की बेहतर योजना बना सकते हैं। इससे संतुलित उर्वरक प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा और लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में मैनेजर धीरज मिश्रा, डिप्टी मैनेजर स्नेहिल श्रीवास्तव, शिवम, अतुल सिंह, सुभाष पांडेय, जगदीश पांडेय, परशुराम शर्मा, बलवंत यादव, राजकपूर सिंह, विद्याधर पांडेय, अशोक पांडेय, पंडित तारकेश्वर पांडेय, बबुना दूबे समेत बड़ी संख्या में किसान और अन्य लोग मौजूद रहे।

डंडवापार माफी में शुरू हुआ मृदा परीक्षण केंद्र

किसानों को मिलेगी मुफ्त मिट्टी जांच की सुविधा

जांच रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक प्रयोग की सलाह

मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर जोर

डिटेल

डॉ. एसपी मोहंती ने कहा कि मृदा परीक्षण से किसानों को खेत में मौजूद पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलेगी। इससे फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जा सकेगा और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। स्वस्थ मिट्टी से ही अच्छी फसल और बेहतर उत्पादन संभव है।

FAQ:

सवाल: मृदा परीक्षण केंद्र कहां खोला गया है? डंडवापार माफी, गोला क्षेत्र, गोरखपुर में केंद्र स्थापित किया गया है।

सवाल: क्या मृदा जांच के लिए शुल्क लगेगा? नहीं, किसानों के लिए मृदा जांच निःशुल्क की जाएगी।

सवाल: मिट्टी की जांच क्यों जरूरी है? इससे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों और उनकी कमी की जानकारी मिलती है।

सवाल: जांच के बाद किसानों को क्या लाभ होगा? किसान अपनी फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे अनावश्यक खर्च कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

सवाल: उत्तर प्रदेश में कितने मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं? एचयूआरएल के अनुसार उत्तर प्रदेश में 10 मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

गोला के डंडवापार माफी में मृदा परीक्षण केंद्र की शुरुआत किसानों के लिए उपयोगी सुविधा है।

निःशुल्क मिट्टी जांच से किसान अपनी जमीन की वास्तविक स्थिति जान सकेंगे और रिपोर्ट के आधार पर संतुलित उर्वरक का इस्तेमाल कर सकेंगे।

मिट्टी के स्वास्थ्य और खेती की लागत दोनों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।