निषाद धाम काली मंदिर: शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्थान का केंद्र, गरीब बच्चों से लेकर महिलाओं तक के लिए चलाए जा रहे कई प्रयास

गोरखपुर में निषाद धाम काली मंदिर बना सामाजिक सेवा का प्रमुख केंद्र, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और गरीब बेटियों की शादी तक में सहयोग

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित निषाद धाम काली मंदिर, चार पानी, बनारस रोड

धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सेवा और समाज के जरूरतमंद लोगों के सहयोग का केंद्र बना हुआ है।

वर्ष 2000 में संस्थापक दिनेश निषाद द्वारा स्थापित इस धाम का उद्देश्य है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज की जरूरतमंद पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग,

रहने और भोजन की व्यवस्था, कंप्यूटर शिक्षा, स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दवा उपलब्ध कराना।

गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता जैसे कार्यों पर विशेष जोर दिया जाता है।

शिक्षा को बनाया सामाजिक बदलाव का आधार

निषाद धाम की गतिविधियों में शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है।

उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करना है।

आर्थिक परिस्थितियां बाधा न बनें।

बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग देने के साथ-साथ निशुल्क रहने, भोजन और कंप्यूटर शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

धाम से जुड़े सेवा कार्यों का लक्ष्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है।

ताकि आने वाली पीढ़ी बदलती दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।

निषाद धाम पहुंचने का लोकेशन

स्वास्थ्य शिविरों के जरिए जरूरतमंदों तक पहुंच

निषाद धाम में सामाजिक सेवा के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया जाता है।

शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और उपलब्धता के अनुसार निशुल्क दवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच दिलाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

गरीब बेटियों की शादी में सहयोग

समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को लेकर भी निषाद धाम की ओर से सहयोग की पहल की जाती है।

उद्देश्य है कि आर्थिक मजबूरी के कारण किसी गरीब परिवार की बेटी का विवाह प्रभावित न हो।

समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर निशुल्क विवाह व्यवस्था में सहयोग करने का प्रयास किया जाता है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई और कौशल आधारित प्रशिक्षण को भी सामाजिक उत्थान का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है।

इसका उद्देश्य महिलाओं को हुनर से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।

महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाते हैं।

देश-प्रदेश से आने वाले लोगों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था

निषाद धाम की एक विशेष पहल यहां देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए निशुल्क रहने और भोजन की व्यवस्था करना है।

धाम में आने वाले जरूरतमंद लोगों को सेवा भाव के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए दूर-दराज से आने वाले लोगों को सहयोग देना है।

समाज की दिशा और आने वाली पीढ़ी पर चिंतन

निषाद धाम का उद्देश्य केवल तत्काल जरूरतों में सहायता करना ही नहीं है ।

समाज की आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर निरंतर चिंतन और मंथन करना भी है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहयोग जैसे विषयों को समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जाता है।

संस्थापक दिनेश निषाद की पहल के तहत निषाद धाम को ऐसे सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

जहां सामाजिक जरूरतों पर विचार करने के साथ जरूरतमंद लोगों तक यथासंभव सहायता पहुंचाई जा सके।

निषाद धाम का संदेश

निषाद धाम काली मंदिर का सेवा कार्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का प्रयास है।

शिक्षा से बच्चों को आगे बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग देने है।

गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता करने और बाहर से आने वाले लोगों को रहने-खाने की सुविधा देने जैसी पहलों के जरिए समाज के कमजोर वर्गों के सहयोग का प्रयास किया जा रहा है।