लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन से सफर करने वालों के लिए यातायात नियमों को और सख्ती से लागू करने की तैयारी है। अब मोटरसाइकिल या स्कूटर पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के हेलमेट नहीं लगाने पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। नई व्यवस्था में सहयात्री के हेलमेट से जुड़े उल्लंघन को ई-चालान प्रणाली में शामिल किया जा रहा है।
पीछे बैठने वाले की भी होगी जिम्मेदारी
अक्सर दोपहिया वाहन चलाने वाला व्यक्ति हेलमेट पहनता है, लेकिन पीछे बैठी सवारी हेलमेट नहीं लगाती। सड़क सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति भी जोखिम पैदा करती है। उत्तर प्रदेश में अब यातायात प्रवर्तन व्यवस्था में इस पहलू को भी शामिल किया जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट के बिना पाया जाता है तो वाहन के पंजीकृत मालिक के नाम से ई-चालान की कार्रवाई हो सकती है। यातायात विभाग चालान प्रणाली में आवश्यक तकनीकी बदलाव कर रहा है।
कैमरों और फोटो के आधार पर भी हो सकता है चालान
नई व्यवस्था को ऑनलाइन चालान प्रणाली से जोड़े जाने की तैयारी है। इसके तहत सड़क पर लगे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS कैमरों के माध्यम से नियमों का उल्लंघन दर्ज किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर फोटो के आधार पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इसका मतलब है कि यातायात नियमों का पालन केवल चौराहों या ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी वाले स्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। तकनीकी निगरानी बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाली सवारियों को भी यात्रा के दौरान हेलमेट पहनने पर ध्यान देना होगा।
ई-चालान सिस्टम में चल रहा तकनीकी बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में ई-चालान व्यवस्था को नए सिस्टम पर स्थानांतरित करने का काम चल रहा है। इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान चालान व्यवस्था प्रभावित हुई है। डाटा को नए सर्वर पर स्थानांतरित करने के बाद ऑनलाइन चालान प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की बात कही गई है।
नई प्रणाली में यातायात नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड करने और उसके आधार पर कार्रवाई करने के लिए अलग-अलग विकल्प शामिल किए जा रहे हैं।
हेलमेट नियम पहले से ही कानून का हिस्सा
हेलमेट पहनने का नियम केवल नया प्रशासनिक फैसला नहीं है। केंद्रीय मोटर वाहन कानून की धारा 129 के तहत सार्वजनिक स्थान पर मोटरसाइकिल चलाने या उस पर सवारी करने वाले
व्यक्ति के लिए निर्धारित सुरक्षा हेलमेट पहनना जरूरी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की
यातायात संबंधी जानकारी में भी हेलमेट उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान दर्ज है।
उत्तर प्रदेश पुलिस सड़क सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों में भी दोपहिया वाहन चलाते
समय हेलमेट पहनने और उसकी स्ट्रैप को सही तरीके से बांधने पर जोर देती है।
वाहन चालकों के लिए क्या बदलेगा?
नई ई-चालान व्यवस्था के बाद दोपहिया वाहन इस्तेमाल करने वालों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
- चालक के साथ पीछे बैठने वाली सवारी भी हेलमेट पहने।
- हेलमेट निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
- हेलमेट पहनने के साथ उसकी स्ट्रैप सही तरीके से लॉक करनी चाहिए।
- एक बाइक पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी न बैठाएं।
- कैमरा आधारित यातायात निगरानी को देखते हुए नियमों का पालन करें।
- ई-चालान की स्थिति में वाहन मालिक को संबंधित कार्रवाई की जानकारी मिल सकती है।
सड़क सुरक्षा के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है नियम?
दोपहिया वाहन दुर्घटना की स्थिति में सिर पर गंभीर चोट का खतरा रहता है।
इसी वजह से हेलमेट को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपकरणों में शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भी हेलमेट को सिर की चोट की गंभीरता कम करने में उपयोगी बताती है।
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नियमों के पालन को तकनीकी निगरानी से जोड़ना और
पीछे बैठने वाले यात्रियों को भी हेलमेट के प्रति जागरूक करना है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहनों पर हेलमेट नियमों के अनुपालन को लेकर प्रवर्तन
व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है।
अब केवल बाइक चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट को लेकर भी
निगरानी और चालान व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। ऐसे में बाइक या स्कूटर से
यात्रा करने वाले लोगों के लिए चालक और सहयात्री दोनों का हेलमेट पहनना महत्वपूर्ण होगा।
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