चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों को लेकर जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- आरोपों से पैदा किया जा रहा भ्रम

नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने और देश के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

नड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से उठाए गए कई सवालों और आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में उसके निर्णय और स्पष्टीकरण को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद

दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी किए गए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई गई है।

वहीं, चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि SIR समेत उसके सभी निर्णय बहु-सदस्यीय आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों का परिणाम हैं। आयोग ने यह भी कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 324 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत काम करता है।

विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप

इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं,

जबकि सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी नड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के आरोपों का बचाव किया है।

इस तरह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है।

चुनाव आयोग की भूमिका

भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है,

जिसे देश में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी प्राप्त है।

आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाता सेवाओं, चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक दलों से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।

नोट:

जेपी नड्डा के बयान और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं संबंधित पक्षों के राजनीतिक दावे हैं।

पाठकों को चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों और उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों की जांच करनी चाहिए।