उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में फार्म हाउस पर युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में की गई कार्रवाई की सात दिन के भीतर रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। चारों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
महिला आयोग ने क्या निर्देश दिए?
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक से जांच की प्रगति और कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
आयोग ने संबंधित धाराओं में प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, मामले से जुड़े फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि घटना में आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
इसके साथ ही जांच में लापरवाही या किसी प्रकार की भूमिका सामने आने पर संबंधित पुलिस अथवा अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
पीड़िता को सहायता देने के निर्देश
महिला आयोग ने पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इसमें चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक सहयोग और सुरक्षा से संबंधित मदद शामिल है।
नियमों के अनुसार उपलब्ध आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार हरियाणा की 23 वर्षीय युवती को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में धार्मिक स्थलों पर घूमने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद वह कुछ लोगों के साथ अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में पहुंची।
पुलिस के मुताबिक शिकायत के आधार पर युवती ने आरोप लगाया कि फार्म हाउस में उसके साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया। घटना के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार इनमें दो उत्तर प्रदेश पुलिस से और दो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से जुड़े बताए गए हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई
मामले में सामने आए आरोपों के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया है।
वहीं केंद्रीय बल से जुड़े कर्मचारियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को
कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
फार्म हाउस के रिकॉर्ड की भी होगी जांच
घटना के बाद अमरोहा प्रशासन ने जिले में संचालित फार्म हाउसों का रिकॉर्ड तैयार करने और
उनकी जांच कराने का फैसला लिया है।
प्रशासन के अनुसार हसनपुर, मंडी धनौरा और गजरौला क्षेत्र में बड़ी संख्या में फार्म हाउस हैं।
अब इनकी जमीन, स्वामित्व, स्थान और वहां होने वाली गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच में किसी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना में पुलिस और केंद्रीय बल से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच का
दायरा केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहने की बात कही जा रही है।
महिला आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि घटना से जुड़े किसी संभावित सहयोगी या
अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही यदि किसी पुलिस या अन्य कर्मचारी की
लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
फार्म हाउसों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर
इस घटना के बाद प्रशासन ने जिले में संचालित फार्म हाउसों की
गतिविधियों को लेकर भी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
अधिकारियों के मुताबिक सभी फार्म हाउसों को रिकॉर्ड में सूचीबद्ध करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
उनके स्वामित्व, स्थान और इस्तेमाल से संबंधित जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध रहे।
अब सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देश के बाद अब पुलिस प्रशासन को मामले में हुई
कार्रवाई की रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर देनी होगी।
इस रिपोर्ट में जांच की प्रगति, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, साक्ष्यों की स्थिति और
पीड़िता को दी गई सहायता सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी शामिल होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र के फार्म हाउस में युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला अब राष्ट्रीय महिला
आयोग की निगरानी में भी आ गया है। आयोग ने DGP से सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और
जांच को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मामले में चार आरोपी गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं,
जबकि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हुई है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और
इसमें आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
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