UN महासभा में गाजा और कश्मीर पर इजरायल-पाकिस्तान के अलग-अलग रुख

न्यूयॉर्क | 26 सितंबर 2026

परिचय

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में गाजा और पश्चिम एशिया का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने देश पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को खारिज करते हुए इजरायल के सैन्य अभियान का बचाव किया। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में फिलिस्तीन और कश्मीर समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर पाकिस्तान का रुख रखा।

गाजा पर नेतन्याहू ने क्या कहा?

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार संबंधी आरोपों को खारिज किया और कहा कि इजरायल अपने बचाव के लिए कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने हमास, ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बाहर जाने की खबर सामने आई। हालांकि, यह घटना अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया से जुड़ी थी और सभी देशों की स्थिति एक जैसी नहीं थी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इससे पहले महासभा के उद्घाटन संबोधन में गाजा की मानवीय स्थिति पर गंभीर चिंता जताई थी।

उन्होंने संघर्ष रोकने, मानवीय सहायता पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की थी।

शहबाज शरीफ ने उठाए फिलिस्तीन और कश्मीर के मुद्दे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर को महासभा को संबोधित किया।

पाकिस्तान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उनके संबोधन में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा,

फिलिस्तीन, कश्मीर, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, इस्लामोफोबिया और आर्थिक चुनौतियों जैसे विषय शामिल रहे।

शहबाज शरीफ ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पारंपरिक रुख को दोहराते हुए कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन जारी रखने की बात कही है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और इस मुद्दे के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

फिलिस्तीन को लेकर भी पाकिस्तान ने गाजा में जारी मानवीय संकट और संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया है। इस दौरान महासभा में पश्चिम एशिया की स्थिति, युद्ध, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े विषय व्यापक चर्चा में रहे।

UN महासभा में अलग-अलग रुख

81वें UNGA सत्र में गाजा को लेकर इजरायल और पाकिस्तान समेत विभिन्न देशों के रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई दिया।

इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाई को सुरक्षा और आत्मरक्षा के संदर्भ में पेश किया,

जबकि पाकिस्तान ने फिलिस्तीन के साथ-साथ कश्मीर के मुद्दे को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया।

संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया।

Facts/Details

81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा का सामान्य बहस सत्र सितंबर 2026 में न्यूयॉर्क में आयोजित हुआ।

बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए इजरायल की कार्रवाई का बचाव किया।

शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर को महासभा को संबोधित किया।

पाकिस्तान ने फिलिस्तीन और कश्मीर को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया।

1UN महासचिव ने गाजा में मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की अपील की।

विस्तार

शहबाज शरीफ ने महासभा में कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन में अपनी कूटनीतिक, राजनीतिक और नैतिक मदद जारी रखेगा।

वहीं नेतन्याहू ने गाजा से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए इजरायल के सैन्य रुख का बचाव किया।

FAQ

1. UNGA 2026 में गाजा का मुद्दा क्यों प्रमुख रहा? गाजा में जारी संघर्ष और मानवीय स्थिति के कारण यह 81वें महासभा सत्र के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहा।

2. नेतन्याहू ने गाजा पर क्या कहा? उन्होंने इजरायल पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को खारिज किया और सैन्य कार्रवाई को इजरायल की सुरक्षा के संदर्भ में सही ठहराया।

3. शहबाज शरीफ ने UNGA में कौन से मुद्दे उठाए?पाकिस्तान के अनुसार उनके संबोधन में फिलिस्तीन, कश्मीर, क्षेत्रीय सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और वैश्विक आर्थिक चुनौतियां शामिल थीं।

4. क्या कश्मीर का मुद्दा भी उठाया गया? हां। शहबाज शरीफ ने कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन को दोहराया।

UNGA 2026 में गाजा, पश्चिम एशिया और कश्मीर जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में रहे।

नेतन्याहू और शहबाज शरीफ ने अपने-अपने देशों का पक्ष रखा, जबकि संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व ने संघर्ष समाप्त करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया।