बैंक कर्मचारियों की पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर केंद्र सरकार और बैंक यूनियनों के बीच विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। 25 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि सरकार ने बैंकों में पांच दिन काम और शनिवार-रविवार अवकाश लागू करने की कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था इस हड़ताल की प्रमुख मांगों में शामिल है।
क्या सरकार ने 5 डे वीक की मंजूरी दी है?
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को मंजूरी देने का कोई वादा नहीं किया है। सूत्रों ने कहा कि यह मुद्दा पिछली वेतन वार्ताओं में भी सरकार की ओर से स्वीकृत नहीं किया गया था।
दूसरी ओर, बैंक यूनियनों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ हुए समझौते के बाद सभी शनिवार को अवकाश देने की मांग आगे बढ़ी थी। इसलिए दोनों पक्षों के दावों के बीच अंतर बना हुआ है।
बैंक यूनियनें क्यों कर रही हैं हड़ताल?
यूनियनों की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके अलावा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी PLI योजना भी विवाद का हिस्सा रही है।
सरकार ने 21 सितंबर को जारी बयान में कहा था कि PLI योजना को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इसके बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सहमति नहीं बन सकी।
28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल
UFBU और उससे जुड़े बैंक कर्मचारी संगठनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों का समाधान करने की अपील की है।
30 सितंबर बैंकिंग व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तारीख है, क्योंकि यह छमाही वित्तीय समापन से जुड़ी है। ऐसे में लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान से ग्राहकों और कारोबार पर असर पड़ सकता है।
रविवार 27 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे
प्रस्तावित हड़ताल से पहले ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं का अतिरिक्त अवसर देने के लिए 27 सितंबर 2026, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य रूप से खुले रखने का निर्णय लिया गया है।
आरबीआई ने भी बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़े शाखा केंद्रों और करेंसी चेस्ट के संचालन को 27 सितंबर को मंजूरी दी है।
अभी बैंकों में शनिवार की व्यवस्था क्या है?
वर्तमान व्यवस्था में हर महीने का दूसरा और चौथा शनिवार बैंक अवकाश रहता है।
बाकी शनिवार सामान्य बैंकिंग कार्यदिवस होते हैं। सभी शनिवार को
अवकाश घोषित करने की मांग इसी व्यवस्था में बदलाव से जुड़ी है।
सरकार और यूनियनों के दावे में अंतर
इस मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। बैंक यूनियनें पांच दिवसीय
बैंकिंग सप्ताह को पूर्व समझौते से जुड़ी मांग बता रही हैं,
जबकि वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी थी।
इसलिए फिलहाल बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने की कोई निश्चित
तारीख घोषित नहीं हुई है। आगे की स्थिति सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से स्पष्ट होगी।
ग्राहकों के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
बैंक ग्राहकों को 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल को ध्यान में रखते हुए शाखा से जुड़े
जरूरी काम पहले निपटाने की जरूरत पड़ सकती है। डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य सेवाओं की
उपलब्धता बैंक और सेवा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
मुख्य बातें
- 5 डे बैंकिंग की मांग पर सरकार ने मंजूरी की प्रतिबद्धता से इनकार किया है।
- बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया है।
- PLI योजना को सरकार ने फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया है।
- 27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे।
- अभी हर शनिवार बैंक अवकाश लागू नहीं हुआ है।
- 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की कोई निश्चित लागू तिथि घोषित नहीं है।
FAQ
क्या बैंकों में 5 डे वीक लागू हो गया है?
नहीं। 25 सितंबर 2026 तक सभी शनिवार को बैंक अवकाश बनाने की व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
बैंक कर्मचारी 28 सितंबर से हड़ताल क्यों कर रहे हैं?
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग है। PLI योजना भी हड़ताल से जुड़े मुद्दों में रही है।
क्या 27 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे?
हां। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 27 सितंबर
2026 को ग्राहकों के लिए खुले रखने का निर्णय लिया गया है।
क्या सभी शनिवार को बैंक बंद होंगे?
फिलहाल नहीं। वर्तमान व्यवस्था में दूसरा और चौथा शनिवार बैंक अवकाश है।
क्या सरकार ने 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह को मंजूरी दे दी है?
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकार ने ऐसी मंजूरी या प्रतिबद्धता नहीं दी है।
read this post :डॉक्टरों के लिए ब्रजेश पाठक की खास अपील, पर्चे पर हिंदी में लिखें दवा और जांच के नाम