बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। दक्षिण ओडिशा का मलकानगिरी जिला भी इसकी चपेट में है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मलकानगिरी का आसपास के क्षेत्रों से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
चार प्रमुख पुलों पर कई फीट पानी
मलकानगिरी जिले में लगातार बारिश के कारण कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 पुलों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर पुलों के ऊपर करीब तीन से चार फीट तक पानी बहने की सूचना है।
जलस्तर बढ़ने के कारण मलकानगिरी से कालीमेला, मोटू और पोडिया की ओर आने-जाने वाला सड़क संपर्क बाधित हुआ है। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई है।
NH-326 पर यातायात प्रभावित
मलकानगिरी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-326 के कई हिस्सों में पानी भर गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कुछ हिस्सों में यातायात रोक दिया है। इसके चलते हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए हैं।
कुछ स्थानों पर यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जलभराव वाले पुलों और सड़क हिस्सों पर किसी दुर्घटना को रोकना है।
तेज हवाओं और बारिश से पेड़ भी गिरे
भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने की भी खबर है। इससे कुछ सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है।
ओडिशा सरकार ने पहले ही प्रभावित जिलों में प्रशासन को अलर्ट रहने और लोगों की
सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। एनडीआरएफ,
अग्निशमन दल और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें तैयार रखी गई हैं।
कई जिलों में रेड अलर्ट
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में भारी से
बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मलकानगिरी के
अलावा दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है।
मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश के
कुछ इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने जलभराव वाले पुलों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
विशेष रूप से ऐसे पुलों को पार करने से बचने को कहा गया है, जहां पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।
ओडिशा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी खाद्य सामग्री, पेयजल और दवाओं की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।
मौसम प्रणाली को लेकर जरूरी जानकारी
मौजूदा मौसम प्रणाली को लेकर कई रिपोर्टों में इसे ‘अर्नब’ नाम से संबोधित किया जा रहा है,
लेकिन मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट में इसे डीप डिप्रेशन के रूप में बताया गया है।
यह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के पास से गुजरने के बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की दिशा में है।
हालांकि, इसके प्रभाव से बारिश का खतरा तुरंत खत्म नहीं होता।
मलकानगिरी में स्थिति के प्रमुख बिंदु
- लगातार भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हुए हैं।
- कई पुलों पर कई फीट तक पानी बह रहा है।
- NH-326 पर यातायात प्रभावित हुआ है।
- बड़ी संख्या में वाहन रास्तों में फंसे हैं।
- तेज हवाओं से कई जगह पेड़ गिरने की सूचना है।
- प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
- कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। बारिश और
जलस्तर में बदलाव के आधार पर यातायात व्यवस्था में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।
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