गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस में चढ़ने के दौरान पांच वर्षीय मासूम हिमांशु निषाद बस के पिछले पहिए की चपेट में आ गया। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई, जबकि गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि हिमांशु आराजी चौरी चिलबिलवा स्थित एसडी पब्लिक स्कूल में पढ़ता था और रोजाना की तरह शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। करीब साढ़े आठ बजे स्कूल बस गांव पहुंची। इसी दौरान बस में चढ़ते समय वह असंतुलित होकर नीचे गिर गया और बस आगे बढ़ गई। बस का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया।
पुलिस बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराइच लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही हिमांशु के परिवार में मातम पसर गया।
बस में चढ़ते समय हुआ दर्दनाक हादसा, पलभर में चली गई मासूम की जान
जानकारी के अनुसार, हिमांशु सुबह करीब 8:30 बजे गांव के मंदिर के पास स्कूल बस का इंतजार कर रहा था। एसडी पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेने वहां पहुंची थी। जैसे ही हिमांशु बस में चढ़ने के लिए आगे बढ़ा, वह संतुलन खोकर नीचे गिर गया।
इसी दौरान बस आगे बढ़ गई और उसका पिछला पहिया हिमांशु के सिर पर चढ़ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।
इस घटना ने स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बच्चों के बस में चढ़ने और उतरने के समय चालक और स्कूल स्टाफ की जिम्मेदारी को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, बस को घेरा; स्कूल स्टाफ पर भी सवाल
मासूम की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने स्कूल बस को घेर लिया और स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बस में चढ़ाने और सुरक्षित बैठाने की उचित व्यवस्था नहीं थी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के समय बस में बच्चों की देखरेख के लिए कंडक्टर मौजूद नहीं था। कुछ ग्रामीणों ने बस में मौजूद शिक्षिका पर मोबाइल देखने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है और जांच पूरी होने से पहले इन्हें पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।
घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासनिक
अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाया। अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ।
चालक के खिलाफ FIR, तलाश तेज; परिवार ने मुआवजे और नौकरी की मांग उठाई
हादसे के बाद बस चालक मनोज कुमार मौके से फरार हो गया। पिपराइच पुलिस ने
उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उसकी तलाश की जा रही है। मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और
मासूम की मौत से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद हिमांशु के परिवार ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। परिवार की ओर से
एक करोड़ रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को
सरकारी नौकरी देने और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना को लेकर करीब चार घंटे तक ग्रामीणों में आक्रोश रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर
पहुंचकर परिवार और ग्रामीणों से बातचीत की। स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
दूसरी रिपोर्टों में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि हिमांशु की मां की शिकायत के आधार पर
चालक के साथ स्कूल के शिक्षक और प्रबंधन के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
मां और दादा का रो-रोकर बुरा हाल, साथी बच्चों में भी दहशत
हिमांशु की मौत की खबर परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। चिकित्सकों द्वारा
बच्चे को मृत घोषित किए जाने के बाद उसकी मां सोनी देवी और दादा स्वामीनाथ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सदमे में कई बार बेहोश हो गए।
हिमांशु के पिता हरिकेश निषाद बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। परिवार में हिमांशु का
एक बड़ा भाई और नौ माह की छोटी बहन भी है। जिस उम्र में बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई और खेल-कूद में
अपना बचपन बिताते हैं, उस उम्र में हिमांशु की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है।
हादसे का असर बस में सवार दूसरे बच्चों पर भी पड़ा। घटना के बाद कई बच्चे सहमे हुए नजर आए।
बच्चों ने बताया कि सामान्य तौर पर
कंडक्टर बच्चों को बस में चढ़ने और उतरने में मदद करते थे, लेकिन घटना वाले दिन
कंडक्टर बस में मौजूद नहीं था। इस बिंदु की भी जांच की जा रही है।
स्कूल बस से जुड़े इस हादसे ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
बस में बच्चों की निगरानी, चढ़ने-उतरने के दौरान सुरक्षा,
चालक की सतर्कता और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी जैसे सवाल अब जांच के केंद्र में हैं।
FAQ: गोरखपुर स्कूल बस हादसा
Q1. गोरखपुर में स्कूल बस हादसा कहां हुआ?
यह हादसा पिपराइच थाना क्षेत्र के नैयापार बुजुर्ग गांव में हुआ।
Q2. हादसे में किस बच्चे की मौत हुई?
हादसे में पांच वर्षीय हिमांशु निषाद की मौत हुई। वह एसडी पब्लिक स्कूल में पढ़ता था।
Q3. हादसा कैसे हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, हिमांशु स्कूल बस में चढ़ने की कोशिश कर रहा था।
इसी दौरान वह नीचे गिर गया और बस आगे बढ़ने पर पिछले पहिए की चपेट में आ गया।
Q4. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
हां। पुलिस ने चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Q5. परिवार ने प्रशासन से क्या मांग की है?
परिवार की ओर से एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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