🚨 बड़ी खबर: चित्रकूट से लौटते ही सीएम की समीक्षा बैठक, बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत के निर्देश

व्यापारियों और मंदिरों को हुए नुकसान का भी बनेगा आकलन, मंदाकिनी के कैचमेंट एरिया से हटेगा अतिक्रमण; फुट ओवरब्रिज का सेफ्टी ऑडिट भी होगा

चित्रकूट। मुख्यमंत्री ने लखनऊ लौटने के बाद चित्रकूट में प्राकृतिक आपदा से बने हालात और राहत कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और पात्र परिवारों को नियमानुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए।

प्रभावित परिवारों को जल्द मिलेगी सहायता

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का मौके पर जाकर आकलन किया जाए। जिन लोगों के मकान, फसल अथवा अन्य संपत्तियों को नुकसान हुआ है, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए।

सर्वे के आधार पर पात्र प्रभावितों को शासन के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में आम लोगों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

फसल और मकानों के नुकसान का होगा तत्काल सर्वे

बैठक में फसलों और मकानों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।

सर्वे पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर रहेगा।

व्यापारियों के नुकसान का भी बनेगा आकलन

आपदा से प्रभावित व्यापारियों को हुए नुकसान को भी समीक्षा बैठक में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित बाजारों और दुकानों में हुई क्षति का आकलन कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन को वास्तविक स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने और शासन के नियमों के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है।

मंदिरों और धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान का होगा सर्वे

चित्रकूट में मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को हुई क्षति का भी सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सर्वे के आधार पर आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

मंदाकिनी के कैचमेंट एरिया से हटेगा अतिक्रमण

समीक्षा बैठक में मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने नदी के प्राकृतिक क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसका उद्देश्य नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर बनाए रखना और

भविष्य में जलभराव जैसी परिस्थितियों के प्रभाव को कम करना बताया गया है।

फुट ओवरब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट

मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवरब्रिज की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने

अधिकारियों को निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से पुल का सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा गया है।

ऑडिट के माध्यम से पुल की संरचनात्मक सुरक्षा की स्थिति का आकलन किया जाएगा और

जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

PWD परियोजनाओं का भी होगा सुरक्षा ऑडिट

लोक निर्माण विभाग (PWD) से संबंधित परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की

सुरक्षा की भी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित संरचनाओं का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए,

ताकि निर्माण कार्यों की स्थिति और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा सके।

सीवर और नालों का गंदा पानी नदी में जाने पर रोक

मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और जल गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सीवर और नालों का गंदा पानी सीधे नदी में नहीं जाना चाहिए।

संबंधित विभागों को इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने और

नदी में प्रदूषित पानी के सीधे प्रवाह को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

मंदाकिनी घाट के विस्तारीकरण की बनेगी कार्ययोजना

मंदाकिनी घाट के विस्तारीकरण को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।

घाट के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

इस योजना के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के

साथ नदी क्षेत्र में व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।

राहत से लेकर नदी संरक्षण तक कई मोर्चों पर काम

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर राहत, नुकसान के सर्वे,

सुरक्षा और नदी संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रभावित परिवारों के मकान और फसल के नुकसान का सर्वे, व्यापारियों और मंदिरों को हुई

क्षति का आकलन, फुट ओवरब्रिज एवं PWD परियोजनाओं का सेफ्टी ऑडिट तथा मंदाकिनी के

कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दे अब प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहेंगे।

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