यूपी की सियासत में परिवारवाद का दबदबा, मुरादाबाद मंडल के 6 विधायक राजनीतिक घरानों से

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राजनीतिक परिवारों का प्रभाव एक बार फिर चर्चा में है। मुरादाबाद मंडल में मौजूदा समय में छह ऐसे विधायक हैं, जिनके पिता भी पहले विधायक या सांसद रह चुके हैं। इन छह विधायकों में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के तीन-तीन विधायक शामिल हैं।

छह विधायकों के पिता भी रहे हैं राजनीति में सक्रिय

मुरादाबाद मंडल के छह मौजूदा विधायकों के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो सभी का संबंध ऐसे परिवारों से है, जहां पहले भी राजनीति में प्रतिनिधित्व रहा है। भाजपा से सुशांत सिंह, आकाश सक्सेना और राजीव तरारा विधायक हैं, जबकि सपा से इकबाल महमूद, पिंकी यादव और मोहम्मद फहीम विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

इकबाल महमूद सातवीं बार विधानसभा पहुंचे

संभल सीट से सपा विधायक इकबाल महमूद मौजूदा समय में सातवीं बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पिता महमूद हसन खान भी संभल सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। इकबाल महमूद मंडल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

मोहम्मद फहीम ने पिता की राजनीतिक विरासत संभाली

मुरादाबाद की बिलारी विधानसभा सीट से सपा विधायक मोहम्मद फहीम तीसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता हाजी इरफान वर्ष 2012 में बिलारी से विधायक चुने गए थे। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में मोहम्मद फहीम पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।

सुशांत सिंह के पिता रह चुके हैं सांसद और विधायक

बिजनौर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुशांत सिंह लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। वह पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के बेटे हैं। उनके पिता ठाकुरद्वारा सीट से पांच बार विधायक और मुरादाबाद लोकसभा सीट से एक बार सांसद रह चुके थे।

राजीव तरारा भी राजनीतिक परिवार से

अमरोहा जिले की मंडी धनौरा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजीव तरारा लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं। उनके पिता तोताराम गंगेश्वरी विधानसभा सीट से वर्ष 1996 में विधायक चुने गए थे। इस तरह राजीव तरारा भी अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

पिंकी यादव के पिता भी रहे विधायक और सांसद

असमोली विधानसभा सीट से सपा विधायक पिंकी यादव लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंची हैं। उनके पिता बिजेंद्र पाल सिंह यादव तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। पिंकी यादव ने भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र की राजनीति में अपनी जगह बनाई है।

आकाश सक्सेना के पिता चार बार विधायक रहे

रामपुर विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिव बहादुर सक्सेना रामपुर की स्वार सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं। आकाश सक्सेना ने उपचुनाव में रामपुर सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया था।

मंडल में कई अन्य राजनीतिक परिवार भी सक्रिय

मुरादाबाद मंडल में राजनीतिक परिवारों की मौजूदगी केवल इन छह विधायकों तक

सीमित नहीं रही है। पूर्व विधायक चौधरी नौनिहाल सिंह के बेटे राजेश सिंह चुन्नू कांठ से विधायक रह चुके हैं।

पूर्व विधायक रिजवानुल हक के बेटे मोहम्मद उस्मान भी मुरादाबाद देहात से विधायक रह चुके हैं।

इसी तरह पूर्व विधायक रियासत हुसैन के बेटे सौलत अली भी विधानसभा पहुंच चुके हैं।

इसके अलावा पूर्व विधायक आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार सीट से विधायक रह चुके हैं।

अमरोहा के विधायक महबूब अली के बेटे परवेज अली पूर्व एमएलसी रह चुके हैं।

अमरोहा सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

2027 के चुनाव में भी दिख सकता है परिवारवाद

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक परिवारों की

अगली पीढ़ी के सक्रिय होने की चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट के अनुसार मंडल में कुछ

राजनीतिक परिवार अपने बेटों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।

एक सांसद अपने बेटे को कुंदरकी सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं,

जबकि देहात सीट से एक पूर्व विधायक के बेटे के भी चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है।

क्या मुरादाबाद मंडल में परिवारवाद बना रहेगा बड़ा मुद्दा?

मुरादाबाद मंडल के मौजूदा राजनीतिक समीकरण यह दिखाते हैं कि

यहां कई परिवारों की राजनीतिक विरासत लगातार आगे बढ़ रही है। हालांकि, किसी नेता की

चुनावी सफलता केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि से तय नहीं होती। जनता का समर्थन,

संगठन में पकड़, स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और चुनावी प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आगामी विधानसभा चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक परिवारों की

नई पीढ़ी को मतदाताओं का कितना समर्थन मिलता है और क्या

पुराने राजनीतिक घराने अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल होते हैं।

Fisherman World News के लिए यह खबर मुरादाबाद मंडल की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर और

आगामी चुनावी संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिपोर्ट और आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड के

आधार पर मुरादाबाद मंडल में राजनीतिक विरासत से जुड़े छह मौजूदा विधायकों का उल्लेख सामने आता है।

read this post :कानपुर में मुमताज हत्याकांड का खुलासा, रिश्ते के भाई पर हत्या का आरोप; रंजिश में वारदात की बात सामने आई