तहसीलदार गोला का एक्शन मोड, सरयू घाटों की तैयारियों का लिया जायजा
गोरखपुर। श्रावण मास में सरयू नदी के घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उप जिलाधिकारी गोला के निर्देश पर तहसीलदार गोला सत्येंद्र कुमार मौर्य ने नगर पंचायत बड़हलगंज क्षेत्र के विभिन्न सरयू घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।
घाटों की साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने घाटों की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, श्रद्धालुओं के आवागमन के मार्ग और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान घाटों पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि धार्मिक अवसरों पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग कराई जाए। गहरे पानी वाले स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रशिक्षित गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान
श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए तहसीलदार ने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और कर्मचारियों की भी तैनाती की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूरे श्रावण मास चलेगी सतत निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पूरे श्रावण मास के दौरान घाटों की नियमित निगरानी की जाए। साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा होती रहे। यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे तो उसे तत्काल दूर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
श्रद्धालुओं से प्रशासन ने किया सहयोग का अनुरोध
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि सरयू नदी में स्नान एवं पूजा-अर्चना के दौरान सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। गहरे पानी में जाने से बचें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा घाटों पर तैनात पुलिस और
सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही
श्रावण मास को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकेगा।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं सरयू घाट
श्रावण मास में सरयू नदी के घाटों पर दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्त जल भरने और
स्नान-पूजन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
इसी क्रम में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
निष्कर्ष
श्रावण मास को लेकर प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। तहसीलदार गोला द्वारा सरयू घाटों का
निरीक्षण इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और
व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के
साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
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