राकेश शर्मा की रिपोर्ट
वन विभाग की पहल से हरियाली बढ़ाने का अभियान
गोरखपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर पंचायत उरुवा में वन विभाग की ओर से सहजन वृक्ष भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सहजन जैसे औषधीय एवं पौष्टिक वृक्षों के महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया तथा पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और लगातार कम होते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने किया सहजन का पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नवीन सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने वार्ड संख्या-14 में सहजन के पौधे का रोपण कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल सरकार या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व भी है।
उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। ये हमें स्वच्छ हवा, ऑक्सीजन, छाया और बेहतर वातावरण प्रदान करते हैं। यदि आज हम पौधे नहीं लगाएंगे और उनकी देखभाल नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य विशेष अवसरों पर पौधरोपण करने की अपील की।
लोगों के बीच वितरित किए गए सहजन के पौधे
पौधरोपण के बाद वन विभाग एवं नगर पंचायत की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच बड़ी संख्या में सहजन के पौधों का वितरण किया गया। लोगों से आग्रह किया गया कि वे इन पौधों को अपने घर, खेत, विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों या खाली पड़ी जमीन पर लगाएं और उनकी नियमित देखभाल भी करें।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना और समय-समय पर सिंचाई एवं संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि पौधों की सही देखभाल की जाए तो वे आने वाले वर्षों में पर्यावरण और समाज दोनों के लिए अमूल्य संपत्ति साबित होंगे।
सहजन के पौधे के औषधीय और पोषण संबंधी लाभ बताए गए
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को सहजन (मोरिंगा) के पौधे के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहजन तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है, जिसकी पत्तियां, फलियां, फूल और बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
सहजन में विटामिन, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और कई आवश्यक खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इसके नियमित उपयोग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसके अलावा यह वृक्ष वातावरण को शुद्ध करने, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने तथा हरियाली बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग सहजन के पौधे लगाएंगे तो
इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा
जब इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी होगी।
केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे हरित क्रांति संभव नहीं है।
उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का कम उपयोग करने, जल संरक्षण करने और अधिक से
अधिक पौधे लगाने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को
पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में नगर पंचायत उरुवा के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय वन अधिकारी
विनय कुमार श्रीवास्तव, वन दरोगा राजकरन, श्रेष्ठा श्रीवास्तव सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा वेद प्रकाश सिंह, शिवरतन गोस्वामी, सभासद राजकुमार तथा वार्ड संख्या-
14 के अनेक नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लेकर पौधरोपण अभियान को सफल बनाया। सभी ने
पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
हरियाली बढ़ाने का लिया गया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक
पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। वन विभाग ने बताया कि भविष्य में भी
इस प्रकार के वृक्षारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार
आयोजित किए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सके।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और नगर पंचायत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि
ऐसे कार्यक्रम न केवल हरियाली बढ़ाने में मददगार हैं,
बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
निष्कर्ष
नगर पंचायत उरुवा में आयोजित सहजन वृक्ष भंडारा कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में
एक सराहनीय पहल साबित हुआ। पौधरोपण, पौध वितरण और लोगों को सहजन के औषधीय एवं पर्यावरणीय
महत्व की जानकारी देकर वन विभाग ने हरियाली बढ़ाने का प्रभावी संदेश दिया।
यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान से जुड़कर पौधरोपण और संरक्षण का संकल्प ले, तो
भविष्य में स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
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