उत्तर प्रदेश के शामली जिले में चर्चित धर्मांतरण मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक की सनातन धर्म में वापसी का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आयुष घर के मंदिर में पूजा करते हुए और अपने परिजनों का आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी कहा गया है कि उन्होंने अपने मूल धर्म में वापसी कर ली है। हालांकि वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की कानूनी जांच पहले से जारी है।
वायरल वीडियो के बाद फिर चर्चा में आया धर्मांतरण मामला
शामली के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने जून 2026 में अपने बेटे के कथित धर्मांतरण को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि काजीवाड़ा निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम संबंधों के जरिए आयुष को अपने प्रभाव में लिया और कथित तौर पर फर्जी निकाहनामा तैयार कराकर उनका धर्म परिवर्तन कराया।
अब सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आयुष मलिक घर के मंदिर में पूजा करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का आशीर्वाद लेते भी देखा जा सकता है। उनके पिता देवराज मलिक ने दावा किया है कि उनके पुत्र ने सनातन धर्म में वापसी कर ली है।
स्वामी यशवीर महाराज ने किया घर वापसी का दावा
धर्मांतरण का मुद्दा उठाने वाले बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने भी बयान जारी कर कहा कि आयुष मलिक ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से पूजा करते हुए आयुष का वीडियो भी साझा किया।
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि उन्होंने आयुष की घर वापसी के लिए जो अभियान शुरू किया था, वह अब सफल हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शामली प्रशासन का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे हिंदू समाज की ओर से आयुष का स्वागत किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी के बाद तेज हुई थी पुलिस कार्रवाई
धर्मांतरण के आरोप सामने आने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर से निकलकर प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन और हिंदू महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी।
स्वामी यशवीर महाराज ने चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कुरैशी बस्ती में हिंदू महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। बाद में पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट होकर प्रस्तावित महापंचायत स्थगित कर दी गई थी। इस बीच हिंदू रक्षा दल सहित अन्य संगठनों ने भी इस मामले में आंदोलन की चेतावनी दी थी।
जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी भी महत्वपूर्ण
हालांकि आयुष की घर वापसी का दावा किया जा रहा है, लेकिन धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया
अपने स्तर पर जारी है। वायरल वीडियो और सार्वजनिक बयानों के आधार पर कई दावे किए जा रहे हैं,
जिनकी पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों के दावों की
निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, ताकि तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आ सकें। फिलहाल
इस मामले पर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
शामली का चर्चित धर्मांतरण मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
आयुष मलिक की सनातन धर्म में वापसी का दावा और
वायरल वीडियो ने इस पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि इस मामले से
जुड़े आरोपों और दावों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगी।
फिलहाल यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
FAQs
Q1. आयुष मलिक का मामला क्यों चर्चा में है?
आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण और अब उनकी सनातन धर्म में
वापसी के दावे को लेकर यह मामला चर्चा में है।
Q2. वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
वीडियो में आयुष मलिक घर के मंदिर में पूजा करते हुए और परिवार के सदस्यों का
आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Q3. इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी?
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी और मामले की जांच जारी है।
Q4. क्या धर्मांतरण मामले की जांच पूरी हो गई है?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले से संबंधित कानूनी और पुलिस जांच अभी भी प्रक्रिया में है।
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