ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी करते हुए परियोजना की जमीन पर सवाल उठाए हैं। विभाग का दावा है कि परियोजना का एक हिस्सा ऐसी भूमि पर विकसित किया गया है, जिसका संबंध माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़ी संपत्तियों से बताया जा रहा है।
सिंचाई विभाग ने जारी किया नोटिस
मामले में सिंचाई विभाग ने संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर भूमि के स्वामित्व और उपयोग से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। विभाग का कहना है कि जमीन के रिकॉर्ड और वास्तविक कब्जे की स्थिति की जांच की जा रही है। नोटिस जारी होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार जिस भूमि पर परियोजना विकसित की जा रही है, उसके स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया है। सिंचाई विभाग का कहना है कि कुछ हिस्सों के रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता
नोटिस जारी होने के बाद संबंधित विभागों ने भूमि अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि
सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
मुख्तार अंसारी का नाम पहले भी कई भूमि और संपत्ति विवादों में सामने आता रहा है।
ऐसे में इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।
विपक्षी दल सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति बताने की मांग कर रहे हैं,
जबकि सरकार की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और अंतिम स्थिति दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन का कहना है कि भूमि से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच
कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
read this post :श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुन श्रद्धालु हुए भाव-विभोर, भजनों पर झूम उठा पूरा पंडाल