मुहर्रम को लेकर डीएम का सख्त संदेश: जुलूस मार्गों से हटेंगी बाधाएं, लटके बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश

मुहर्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासन सतर्क

गोरखपुर में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में पुलिस लाइन सभागार में सद्भावना एवं शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

जुलूस मार्गों पर नहीं रहने दी जाएगी कोई बाधा

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मार्गों से ताजिया और मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं, वहां किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और सफाई कार्य समय से पूरा कराया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

लटके बिजली तारों को तुरंत ठीक करने के आदेश

डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि जुलूस मार्गों पर लटक रहे बिजली के तारों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। मुहर्रम के दौरान बड़े-बड़े ताजिए और धार्मिक जुलूस निकलते हैं, ऐसे में नीचे झूल रहे तार दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए समय रहते सभी खतरनाक स्थानों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा है।

साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर जोर

बैठक में नगर निगम और संबंधित विभागों को जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पर्व के दौरान किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान किया जाए।

सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष निगरानी

मुहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन सोशल मीडिया पर भी नजर रखेगा।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अफवाह फैलाने वालों और

सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।

शांति और भाईचारे की अपील

जिलाधिकारी ने सभी धर्मगुरुओं, समिति सदस्यों और नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का

प्रतीक रहा है और इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सभी की है।

प्रशासन ने मांगा जनता का सहयोग

बैठक में प्रशासन ने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता जनता के सहयोग पर

निर्भर करती है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई कि वे प्रशासन के

निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत

पुलिस या प्रशासन को दें। इससे पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा।

read this post :सपा में टूट की अटकलों से यूपी की राजनीति गरमाई, 25 से 27 सांसदों के संपर्क में होने के दावे पर मचा सियासी घमासान