गोरखपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। गीडा थाना क्षेत्र के बरवार खुर्द गांव में एक पिता पर अपने ही दो मासूम बच्चों को जहर देकर मारने का आरोप लगा है। जिस पिता को बच्चों की सुरक्षा और भविष्य का आधार माना जाता है, उसी पर अपने बेटे और बेटी की जान लेने का आरोप लगने से पूरा इलाका स्तब्ध है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर कोई पिता ऐसा कैसे कर सकता है।
किश्त के रुपये नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार बरवार खुर्द गांव निवासी सत्यम अपने परिवार के साथ अलग रहकर जीवनयापन करता था। वह ऋण पर खरीदे गए ऑटो को चलाकर परिवार का खर्च उठाता था। ऑटो की किश्त जमा करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। इसी बात को लेकर उसका पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को वह अपने माता-पिता के घर पहुंचा और मां शकुंतला से किश्त भरने के लिए रुपये मांगे। जब मां ने आर्थिक मजबूरी बताते हुए रुपये देने में असमर्थता जताई तो वह नाराज होकर वहां से चला गया। परिवार के लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि यह विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा।
बाजार से खरीदा जहर, घर लौटकर रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि रुपये नहीं मिलने के बाद आरोपी बाजार गया और कथित तौर पर सल्फास खरीदकर घर लौटा। आरोप है कि शाम के समय उसने अपने साढ़े चार वर्षीय पुत्र अक्षत और आठ वर्षीय पुत्री प्राची को दही में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया।
मासूम बच्चों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके सामने रखा गया भोजन उनकी जिंदगी छीन सकता है। दही खाने के कुछ समय बाद दोनों बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े।
बड़ी बेटी की सूझबूझ से खुली सच्चाई
परिजनों के अनुसार आरोपी ने अपनी बड़ी बेटी प्रज्ञा को भी वही दही खिलाने की कोशिश की। लेकिन उसे कुछ संदेह हुआ और उसने दही खाने से मना कर दिया। इसके बाद वह कमरे में बंद होकर शोर मचाने लगी।
उसकी आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। दोनों बच्चे अचेत अवस्था में पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था।
अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए दोनों बच्चे
परिजन तुरंत बच्चों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने बच्चों को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि दोनों की जान नहीं बच सकी।
शुक्रवार तड़के करीब चार बजे अक्षत ने दम तोड़ दिया। इसके लगभग आधे घंटे बाद उसकी बहन प्राची ने भी अंतिम सांस ली। एक साथ दो बच्चों की मौत से पूरा परिवार टूट गया।
गांव में पसरा सन्नाटा, परिवार सदमे में
दो मासूम बच्चों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीण इस घटना को लेकर बेहद दुखी और हैरान हैं।
किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि एक पिता अपनी ही संतान के साथ ऐसा कदम उठा सकता है।
मृत बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। दादा-दादी भी गहरे सदमे में हैं।
गांव में हर तरफ इसी दर्दनाक घटना की चर्चा हो रही है।
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लिया
मृत बच्चों के बाबा अनिल कुमार की तहरीर पर गीडा पुलिस ने
आरोपी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आर्थिक तनाव का भयावह परिणाम
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक संकट और पारिवारिक तनाव कई बार लोगों को मानसिक रूप से
अस्थिर कर सकते हैं। हालांकि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को नुकसान पहुंचाना या
उनकी जान लेना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि आर्थिक समस्याओं और मानसिक तनाव का समाधान बातचीत, परामर्श और
सामाजिक सहयोग के माध्यम से खोजा जाना चाहिए, न कि हिंसा और अपराध के रास्ते से।
गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में हुई यह घटना बेहद दर्दनाक और
झकझोर देने वाली है। एक पिता पर अपनी ही संतान को
जहर देकर मारने का आरोप पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रहा है। दो मासूम बच्चों की मौत ने
एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया।
अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक पारिवारिक घटनाओं में गिना जाएगा।
read this post :विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया