समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव
यूपी की राजनीति में फिर गरमाया एनकाउंटर मुद्दा
अखिलेश यादव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार अपना दबदबा दिखाने के लिए “फर्जी एनकाउंटर” करवा रही है। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर नीति पहले से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही है।
$अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था सुधारने के बजाय डर और दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में पुलिस पहले कहानी तैयार करती है और बाद में एनकाउंटर को सही साबित करने की कोशिश की जाती है। सपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र में सजा देने का अधिकार केवल अदालतों के पास है, किसी और के पास नहीं।
पहले भी उठा चुके हैं फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा
यह पहला मौका नहीं है जब अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया हो। इससे पहले भी उन्होंने कई पुलिस कार्रवाइयों पर सवाल उठाए थे और दावा किया था कि कुछ एनकाउंटर राजनीतिक और जातीय आधार पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि “एनकाउंटर का एक पैटर्न” बनाया गया है।
योगी सरकार की क्या है नीति?
योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार दावा करती रही है कि उसकी “जीरो टॉलरेंस” नीति के कारण प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण हुआ है। सरकार का कहना है कि माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार सार्वजनिक मंचों से अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का समर्थन कर चुके हैं।
एनकाउंटर पर अदालतों ने भी जताई चिंता
उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर को लेकर अदालतों ने भी समय-समय पर सवाल उठाए हैं। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ों को लेकर कुछ मामलों में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि सजा देने का अधिकार न्यायपालिका का है। अदालत ने पुलिस कार्रवाई के लिए दिशानिर्देशों का पालन करने पर जोर दिया था।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के अलावा अन्य विपक्षी दल भी कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि
सरकार अपराध नियंत्रण के नाम पर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करती है।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से परेशान है।
यूपी की राजनीति में क्यों अहम है यह मुद्दा?
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था हमेशा बड़ा चुनावी मुद्दा रही है।
भाजपा सरकार अपनी सख्त कानून व्यवस्था नीति को बड़ी
उपलब्धि बताती है, जबकि विपक्ष इसे मानवाधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर सवाल उठाता है।
2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।
जनता के बीच भी बंटी राय
एनकाउंटर नीति को लेकर जनता के बीच भी अलग-अलग राय देखने को मिलती है।
कुछ लोग इसे अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कई लोग निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया की मांग करते हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस चल रही है।
अखिलेश यादव के ताजा बयान ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर
एनकाउंटर और कानून व्यवस्था के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
जहां विपक्ष सरकार पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है,
वहीं सरकार अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को
सही ठहरा रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा गरमा सकता है।
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