भारत सरकार ने भारतीय नागरिकता नियमों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। Ministry of Home Affairs के नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारतीय नागरिकता लेने से पहले अपना विदेशी पासपोर्ट सरेंडर करना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
पासपोर्ट जमा करना होगा जरूरी
गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक अब नागरिकता आवेदन के दौरान आवेदकों को अपने मूल देश का पासपोर्ट संबंधित अधिकारियों के पास जमा करना होगा। बिना पासपोर्ट सरेंडर किए आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी
नागरिकता प्रक्रिया हुई सख्त
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारतीय नागरिकता लेने वाले व्यक्ति के पास दोहरी पहचान नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से पासपोर्ट सरेंडर का नियम लागू किया गया है। नए नियम के बाद नागरिकता प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और दस्तावेज आधारित हो गई है।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क
पिछले कुछ वर्षों में फर्जी पहचान और अवैध दस्तावेजों के कई मामले सामने आए थे। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद सरकार ने नागरिकता नियमों को और मजबूत बनाने का फैसला लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
हजारों लोगों पर पड़ेगा असर
इस नए नियम का असर उन हजारों लोगों पर पड़ सकता है जो लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहते हैं। खासकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के लिए अब प्रक्रिया और ज्यादा दस्तावेज आधारित होगी।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
MHA के इस फैसले के बाद सोशल Media पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे देशहित का फैसला बता रहे हैं तो कुछ इसे सख्त नियम मान रहे हैं। ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
सरकार ने क्या कहा
केंद्र सरकार का कहना है कि नागरिकता प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना जरूरी है। गृह मंत्रालय के मुताबिक नए नियमों से फर्जी पहचान और अवैध नागरिकता मामलों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
भारतीय नागरिकता को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है। अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारतीय नागरिकता लेने से पहले अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा। MHA के नए नोटिफिकेशन के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। सरकार का दावा है कि इससे फर्जी दस्तावेज और दोहरी पहचान पर रोक लगेगी। भारतीय नागरिकता नियम 2026 से जुड़ी यह खबर देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
