UP News: उत्तर प्रदेश में दो दिन Work From Home की तैयारी, अलग-अलग शिफ्ट में खुल सकते हैं ऑफिस

ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत के बीच सरकार का बड़ा फैसला,

Uttar Pradesh में बढ़ती उत्पादन लागत और गैस आपूर्ति प्रभावित होने के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। श्रम विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” लागू करने और ऑफिसों को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित करने पर सहमति बनी है।

अधिकारियों के अनुसार उद्योगों पर बढ़ते खर्च और ईंधन संकट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि ऊर्जा की खपत कम की जा सके और कंपनियों को राहत मिल सके।

दो दिन Work From Home की तैयारी,

बैठक में तय किया गया कि बड़ी कंपनियों, आईटी सेक्टर, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, ट्रैफिक का दबाव घटेगा और ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी।

अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे ऑफिस,

ऊर्जा बचाने और पीक ऑवर ट्रैफिक कम करने के लिए कार्यालयों और फैक्ट्रियों को अलग-अलग समय पर संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी दफ्तर एक ही समय पर खुलते हैं तो ट्रैफिक और ईंधन की खपत दोनों बढ़ते हैं। इसलिए चरणबद्ध शिफ्ट प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

गैस आपूर्ति प्रभावित होने से बढ़ी चिंता,

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक गैस सप्लाई में दिक्कत आने से उद्योगों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है। कई फैक्ट्रियों में संचालन खर्च बढ़ने से रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इसी वजह से सरकार ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक कार्य व्यवस्था पर जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश,

Yogi Adityanath ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर ऊर्जा बचत और ईंधन की खपत कम करने को लेकर कई अहम निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने, वर्चुअल बैठकों को

प्राथमिकता देने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल पर जोर दिया।

IT कंपनियों और बड़े संस्थानों पर रहेगा फोकस,

सरकार की योजना सबसे पहले नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और

अन्य बड़े शहरों में स्थित आईटी कंपनियों, कॉर्पोरेट ऑफिस और बड़े औद्योगिक संस्थानों में लागू करने की है।

ऐसे संस्थानों को हाइब्रिड मॉडल अपनाने और कर्मचारियों के लिए कारपूलिंग व

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सलाह दी जाएगी।

“नो व्हीकल डे” पर भी जोर,

सरकार सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने की योजना पर भी काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, सांसदों और अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की अपील की है।

सरकार का मानना है कि इससे लोगों में ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

वर्चुअल मीटिंग और ऑनलाइन सिस्टम को बढ़ावा,

बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकारी विभागों की बड़ी संख्या में मीटिंग्स

ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस भी वर्चुअल माध्यम से कराने पर जोर दिया गया है।

इससे यात्रा खर्च और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।

उद्योगों और कर्मचारियों को मिल सकती है राहत,

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही तरीके से लागू किया गया तो यह मॉडल उद्योगों और

कर्मचारियों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

वर्क फ्रॉम होम से कर्मचारियों का यात्रा समय बचेगा जबकि कंपनियों की ऊर्जा लागत कम हो सकती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस,

यूपी में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की तैयारी की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

कुछ लोग इसे भविष्य की जरूरत बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि

सभी क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू करना आसान नहीं होगा।