पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आने जा रहा है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी राज्य में सरकार बनाने जा रही है और इसी के साथ कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक बड़े राजनीतिक आयोजन का गवाह बनने वाला है। शनिवार को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। भाजपा इस आयोजन को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि “बंगाल परिवर्तन उत्सव” के रूप में प्रस्तुत कर रही है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक हर जगह इसी कार्यक्रम की चर्चा हो रही है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में दिखेगी बंगाल की संस्कृति
कोलकाता का प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड पूरी तरह सज चुका है। विशाल मंच तैयार किया गया है जहां देशभर के बड़े नेता, संत, उद्योगपति, कलाकार और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम स्थल को बंगाल की पारंपरिक संस्कृति के रंगों से सजाया गया है। लाल-सफेद थीम, दुर्गा प्रतिमा, अल्पना डिजाइन और बंगाली कला की झलक समारोह को बेहद खास बना रही है।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में पारंपरिक ढाक वादन, रवींद्र संगीत और लोक नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी। भाजपा का प्रयास है कि वह बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के साथ खुद को जोड़कर जनता के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाए। पार्टी इसे बंगाल की अस्मिता और विकास के नए दौर की शुरुआत बता रही है।
सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। कोलकाता पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी और पूरे इलाके में हाईटेक सीसीटीवी नेटवर्क सक्रिय रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक समारोह में कई बड़े वीआईपी नेताओं और खास मेहमानों के शामिल होने की संभावना है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बंगाली व्यंजनों से होगा मेहमानों का स्वागत
समारोह में आने वाले मेहमानों के लिए खास बंगाली भोजन की व्यवस्था की गई है। मेन्यू में रसगुल्ला,
मिष्टी दोई, लूची, आलूर दम, शुक्तो और कई पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए हैं।
भाजपा इस आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि
उसकी सरकार बंगाल की संस्कृति, खानपान और परंपराओं का सम्मान करेगी।
मुख्यमंत्री के नाम पर बढ़ा सस्पेंस
सबसे ज्यादा चर्चा नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हो रही है।
पार्टी नेतृत्व अंतिम समय तक सस्पेंस बनाए हुए है।
समर्थकों के बीच यह जानने की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है कि
आखिर बंगाल की कमान किस चेहरे को सौंपी जाएगी।
माना जा रहा है कि इस बार पार्टी युवा और नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी दे सकती है।
राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन
राष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाले
बंगाल में यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।
भाजपा नेतृत्व इसे पूर्वी भारत में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देख रहा है।
कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड अब एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है।
पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस शपथ ग्रहण समारोह में राजनीति और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। अब
पूरे देश की नजर नए मुख्यमंत्री के ऐलान और इस भव्य आयोजन पर टिकी हुई है।
