पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता पर काबिज रहीं Mamata Banerjee और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने की तैयारी तेज हो चुकी है। विधानसभा भंग होने के बाद अब नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित होने जा रही है।
विधानसभा भंग होने के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल,
राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग किए जाने के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार गठन का दावा मजबूत कर लिया है। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन साबित हो सकता है।
नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन जारी,
भाजपा विधायक दल की बैठक में आज नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक Suvendu Adhikari सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा सुकांत मजूमदार और समिक भट्टाचार्य जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। भाजपा नेतृत्व ऐसा चेहरा सामने लाना चाहता है जो बंगाल में पार्टी को और मजबूत कर सके।
कल हो सकता है भव्य शपथ ग्रहण समारोह,
सूत्रों के अनुसार नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah सहित कई बड़े राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से किया इनकार,
चुनाव परिणाम आने के बाद भी ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा परिणामों को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। हालांकि विधानसभा भंग होने के बाद उनकी सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में संवैधानिक बहस भी तेज कर दी है।
भाजपा की सबसे बड़ी चुनावी जीत,
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा की यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति में वैचारिक बदलाव का संकेत भी है। भाजपा ने पहली बार राज्य में इतना मजबूत जनाधार तैयार कर सत्ता तक पहुंच बनाई है। चुनाव परिणामों में भाजपा को 200 से अधिक सीटें मिलने की खबरों ने पूरे देश का ध्यान बंगाल की ओर खींच लिया है।
चुनाव के बाद हिंसा और तनाव की खबरें,
चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं।
भाजपा नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगाए हैं,
जबकि सुरक्षा एजेंसियां हालात को नियंत्रण में रखने में जुटी हुई हैं।
राजनीतिक तनाव के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू,
यदि भाजपा सरकार का गठन होता है तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में
सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा। करीब डेढ़ दशक तक सत्ता में रहने वाली ममता बनर्जी की
राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि
भाजपा किस चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर बंगाल की नई राजनीति की शुरुआत करती है।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की यह घटना भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।
भाजपा सरकार गठन की तैयारियों ने बंगाल की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। आने वाले दिनों में
मुख्यमंत्री चयन और शपथ ग्रहण समारोह पूरे देश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बनने वाला है
