Bareilly से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। सेवानिवृत्त दरोगा की पत्नी शारदा यादव की हत्या उनके ही मुंहबोले बेटे ने कर दी। आरोपी की पहचान वरुण पाराशरी के रूप में हुई है, जो नगर निगम टैक्स विभाग में संविदाकर्मी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को PCS अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले बुजुर्ग महिला का भरोसा जीता और फिर जायदाद के लालच में उनकी हत्या कर दी। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कैसे बना भरोसे का रिश्ता?
जानकारी के अनुसार शारदा यादव, जो रिटायर्ड दरोगा गजराज सिंह की पत्नी थीं, आरोपी वरुण पाराशरी को बेटे जैसा मानती थीं। आरोपी अक्सर उनकी सेवा करता था और इसी वजह से बुजुर्ग महिला उस पर भरोसा करने लगी थीं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को उम्मीद थी कि शारदा यादव अपनी जमीन उसके नाम कर देंगी। बताया जा रहा है कि वह कई बार इस बात को लेकर उनसे चर्चा भी कर चुका था।
“तू लालची है” सुनते ही बदल गया माहौल
Uttar Pradesh Police के अनुसार दो मई को आरोपी ने शारदा यादव को मंदिर ले जाने के बहाने बुलाया। वह उन्हें कार में बैठाकर ले गया और रास्ते में जमीन अपने नाम करने की बात करने लगा।
जब शारदा यादव ने साफ इनकार कर दिया और उसे “लालची” कहा, तो आरोपी गुस्से में आ गया। पुलिस के मुताबिक इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोपी ने हमला कर दिया।
बताया गया कि आरोपी ने पहले उन्हें बेहोश किया और फिर उनका मुंह और नाक बंद कर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह पूरी रात कार में शव लेकर घूमता रहा।
शव को झाड़ियों में फेंका
पुलिस जांच में पता चला कि तीन मई की सुबह आरोपी शव को Pilibhit जिले के
जहानाबाद इलाके के कुकरी गांव के पास झाड़ियों में फेंक आया था।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया,
जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पोस्टमार्टम में सामने आया नया शक
मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब पोस्टमार्टम के दौरान
परिजनों ने शारदा यादव के अंगूठे पर लगी नीली स्याही को देखा।
परिवार का आरोप है कि आरोपी हत्या से पहले कुछ कागजातों पर अंगूठा लगवाना चाहता था।
परिजनों का कहना है कि आरोपी पूरी योजना बनाकर आया था और संभव है कि उसने संपत्ति से
जुड़े दस्तावेज तैयार कर रखे हों। पोस्टमार्टम टीम ने अंगूठे की तस्वीर लेकर परिवार को उपलब्ध कराई।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने
संपत्ति अपने नाम कराने के लिए किसी तरह के
दस्तावेज तैयार किए थे। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या
इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था।
मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है क्योंकि जिस युवक को
परिवार बेटे जैसा मानता था, उसी पर हत्या का आरोप लगा है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं बल्कि भरोसे और लालच से जुड़ा बड़ा सवाल भी खड़ा करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों को अपनी संपत्ति और व्यक्तिगत मामलों में
सावधानी बरतनी चाहिए और किसी पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए।
बरेली का यह मामला रिश्तों में छिपे लालच की खौफनाक तस्वीर सामने लाता है। पुलिस जांच में सामने आई कहानी ने लोगों को हैरान कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे और कौन से खुलासे होते हैं।