सोनभद्र पुलिस ने
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में कुख्यात आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को PIT-NDPS एक्ट के तहत एक वर्ष के लिए निरुद्ध किया गया है।
यह कार्रवाई जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शासन के आदेश पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के प्रस्ताव पर शासन ने निरोधात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी।
15 अप्रैल 2026 से यह निरोधादेश प्रभावी कर दिया गया है, जिसके तहत आरोपी को जिला कारागार में रखा जाएगा।
फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा था नेटवर्क
जांच में सामने आया कि भोला प्रसाद फर्जी फर्मों के माध्यम से कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध डायवर्जन कर रहा था।
फर्जी बिलिंग के जरिए बड़ी मात्रा में दवाइयों को काले बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था।
विदेश तक फैला था तस्करी का जाल
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल राज्य या देश तक सीमित नहीं था, बल्कि विदेश तक फैला हुआ था।
आरोप है कि कफ सिरप की खेप को अवैध रूप से बांग्लादेश तक भेजा जाता था, जहां इसका उपयोग नशे के रूप में किया जाता था।
बेटे के जरिए चल रहा था कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि शुभम जायसवाल अपने पिता की फर्म “शैली ट्रेडर्स” के माध्यम से इस कारोबार को संचालित कर रहा था।
बताया गया कि वह एक फार्मा कंपनी से कफ सिरप लेकर
उसे गलत तरीके से डायवर्ट कर अवैध रूप से बेचता था।
पुलिस का सख्त संदेश
सोनभद्र पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई दर्शाती है कि
पुलिस अब संगठित नेटवर्क पर भी शिकंजा कस रही है।
इससे न केवल अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।
