आगरा में प्रदेश
उत्तर प्रदेश के आगरा में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यहां प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा, जो 400 बेड की क्षमता वाला होगा।
यह संस्थान आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और योग चिकित्सा को एक साथ बढ़ावा देगा और मरीजों को आधुनिक विकल्पों के साथ पारंपरिक उपचार की सुविधा प्रदान करेगा।
बिना सर्जरी के होगा गंभीर बीमारियों का इलाज
इस आयुष इंस्टीट्यूट की सबसे खास बात यह होगी कि यहां कैंसर, किडनी, लिवर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज बिना सर्जरी के किया जाएगा।
प्राकृतिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए मरीजों को राहत देने पर विशेष जोर रहेगा, जिससे इलाज कम खर्चीला और सुरक्षित होगा।
14 एकड़ में बनेगा आधुनिक संस्थान
यह संस्थान करीब 13.5 से 14 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। प्रशासन द्वारा रुनकता क्षेत्र के अकबरा गांव में जमीन चिह्नित कर ली गई है और प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यह प्रदेश के सबसे बड़े आयुष केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
चार पद्धतियों में होगी पढ़ाई और इलाज
इस संस्थान में चार प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों की पढ़ाई और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS)
बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS)
बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS)
बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS)
इसके साथ ही डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।
60-60 सीटें और 100-100 बेड की व्यवस्था
हर पद्धति के लिए 60-60 सीटें निर्धारित की जाएंगी।
इसके अलावा हर विभाग में 100-100 बेड की सुविधा होगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
संस्थान में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, जांच सुविधा, दवा काउंटर और अलग-अलग विभागों के लिए विशेष परिसर तैयार किए जाएंगे।
छात्रों और मरीजों को मिलेगा लाभ
इस संस्थान के खुलने से मेडिकल छात्रों को पढ़ाई और रिसर्च के बेहतर अवसर मिलेंगे।
साथ ही आसपास के जिलों और राज्यों के मरीजों को सस्ता और प्रभावी इलाज उपलब्ध होगा।
यह कदम आयुष और होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
आयुष सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस आलम के अनुसार, यह संस्थान आयुष चिकित्सा को नई पहचान देगा।
इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूती मिलेगी और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
आगरा में बनने वाला यह आयुष इंस्टीट्यूट स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
सस्ती, प्रभावी और प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ यह संस्थान प्रदेश को
आयुष के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
