संभल में दूसरे दिन भी बुलडोजर कार्रवाई, जुमे की नमाज से पहले अवैध निर्माण ध्वस्त

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर और क्रेन का इस्तेमाल किया गया।

इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी रही।

मस्जिद और मदरसा पर चला बुलडोजर

प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने मस्जिद और मदरसा को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। क्रेन की मदद से मस्जिद की मीनार गिराई गई, जबकि अन्य हिस्सों को बुलडोजर से हटाया गया।

यह कार्रवाई जुमे की नमाज से पहले की गई, ताकि किसी भी तरह की भीड़ या तनाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

प्रशासन ने बनाई विशेष टीम

इस पूरे अभियान के लिए प्रशासन ने विशेष टीम का गठन किया था। नायब तहसीलदार और एसडीएम के नेतृत्व में दो राजस्व निरीक्षक और सात लेखपालों को शामिल किया गया।

टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले स्थिति का आकलन किया और फिर चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई।

सरकारी जमीन पर बने थे कई निर्माण

प्रशासन के अनुसार जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज भूमि है।

इस जमीन पर मस्जिद, मदरसा, पांच दुकानें, एक प्राइमरी स्कूल और कई मकान बनाए गए थे। बताया गया कि ये निर्माण खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की जमीन पर किए गए थे।

कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

अवैध निर्माण को हटाने के लिए तहसीलदार न्यायालय से आदेश लिया गया था।

इसी आदेश के आधार पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।

इससे पहले ग्रामीणों ने खुद भी कुछ निर्माण हटाने की कोशिश की थी,

लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे पूरी कार्रवाई नहीं कर सके।

ग्रामीणों की मांग पर तेज हुई कार्रवाई

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की थी कि सरकारी जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया जाए।

उन्होंने यह भी कहा था कि सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाना चाहिए।

इसी के बाद प्रशासन ने खुद कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान तेज कर दिया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन को आशंका थी कि

कार्रवाई के दौरान विरोध हो सकता है, इसलिए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

कार्रवाई के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

संभल में जारी बुलडोजर कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।

कोर्ट के आदेश और ग्रामीणों की मांग के बाद की गई यह कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।

हालांकि ऐसे मामलों में संतुलन, पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है,

ताकि किसी प्रकार का विवाद या तनाव न बढ़े।