UP: विधायक पल्लवी पटेल और एसपी के बीच तीखी बहस, “ऑफिस पहुंच जाऊंगी” कहकर दी चेतावनी

Raebareli में उस समय माहौल गरमा गया जब सिराथू की विधायक Pallavi Patel और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बीच फोन पर तीखी बहस हो गई।
यह विवाद किसान सुरेश पटेल की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर हुआ।

किसान की मौत के बाद बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार, जगतपुर थाना क्षेत्र के छिछोरा गांव में 19 मार्च को किसान सुरेश पटेल की मौत हुई थी।
इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इसी को लेकर विधायक पल्लवी पटेल ने नाराजगी जताई।

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं विधायक

विधायक Pallavi Patel बुधवार को मृतक के घर पहुंचीं और परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने मृतक की पत्नी फूलमती को सांत्वना दी और पूरे मामले की जानकारी ली।
परिवार ने बताया कि अभी तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

फोन पर एसपी से हुई हॉट टॉक

इसके बाद विधायक ने एसपी Ravi Kumar को फोन किया और सवाल किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
एसपी ने जवाब दिया कि जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी होगी।
लेकिन इसी दौरान उन्होंने फोन काट दिया, जिससे विधायक नाराज हो गईं।

“15 दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो ऑफिस पहुंचूंगी”

विधायक ने दोबारा फोन कर सख्त लहजे में कहा कि अगर 15 दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह खुद एसपी कार्यालय पहुंचकर जवाब मांगेंगी।
इसके बाद फिर से फोन कटने से मामला और गरमा गया।

क्रॉस एफआईआर और जांच पर उठे सवाल

विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है और मामले में नाबालिगों का नाम भी क्रॉस एफआईआर में शामिल कर दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला गंभीर धाराओं में दर्ज है,

तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

पुलिस का पक्ष

एसपी की ओर से कहा गया है कि मामले की विवेचना जारी है और

जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
हालांकि, फोन पर हुई

बातचीत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष और अन्य नेताओं ने

इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है,

जिससे मामला और तूल पकड़ सकता है।

Raebareli में विधायक और एसपी के बीच हुई यह तीखी बातचीत कानून-व्यवस्था और

प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस

कब तक आरोपियों को गिरफ्तार करती है

और पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है।