गोरखपुर में सहालग
गोरखपुर और आसपास के इलाकों में सहालग (शादी सीजन) शुरू होते ही मिलावटी पनीर का बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो गया है। खजनी, महदेवा और आजमगढ़ से भारी मात्रा में नकली पनीर तैयार कर बाजारों में सप्लाई की जा रही है।
भोर में होती है सप्लाई, कंटेनर में छिपाकर पहुंचता है पनीर
सूत्रों के अनुसार, दूधिए भोर के समय कंटेनरों में बर्फ के बीच मिलावटी पनीर रखकर शहर और कस्बों में पहुंचाते हैं।
यह सप्लाई इतनी तेजी से होती है कि ऑर्डर देने के 4 से 6 घंटे के अंदर पनीर उपलब्ध करा दिया जाता है।
कहां-कहां बन रहा नकली पनीर?
जानकारी के मुताबिक—
खजनी और महदेवा बाजार में 20 से ज्यादा जगहों पर नकली पनीर तैयार हो रहा है
महदेवा में पनीर बनाने के चार बड़े कारखाने सक्रिय हैं
यहां से सहजनवां और खलीलाबाद तक सप्लाई की जा रही है
इन फैक्ट्रियों में खुलेआम बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा है।
सहालग में बढ़ी मांग, 2000 क्विंटल तक खपत का अनुमान
शादी के मौसम में पनीर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। अनुमान है कि
इस एक महीने में करीब 2000 क्विंटल पनीर की खपत होगी।
इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर धंधेबाज बाजार में नकली पनीर उतार रहे हैं।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार, मिलावटी पनीर खाने से—
पाचन तंत्र खराब हो सकता है
फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है
लंबे समय में गंभीर बीमारियां हो सकती हैं
इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कैसे पहचानें मिलावटी पनीर?
पनीर बहुत ज्यादा सफेद और
चमकदार दिखे तो सतर्क रहें
दबाने पर रबर जैसा लगे तो शक करें
गर्म पानी में डालने पर जल्दी टूट जाए तो
असली हो सकता है
असामान्य गंध या स्वाद हो तो न खरीदें
प्रशासन को सख्ती की जरूरत
इतने बड़े पैमाने पर हो रही मिलावट से साफ है कि निगरानी में
कहीं न कहीं कमी है। खाद्य विभाग को
सख्ती से जांच अभियान चलाने की जरूरत है ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो।
गोरखपुर में सहालग के दौरान मिलावटी पनीर का यह खेल चिंता का विषय है।
लोगों को सतर्क रहकर खरीदारी करनी चाहिए और संदिग्ध पनीर से बचना चाहिए,
क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है
