सोनिया गांधी
सोनिया गांधी के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज पर निशिकांत दुबे ने क्यों उठाए सवाल?
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने पर 25 मार्च 2026 की रात उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौसम में बदलाव के कारण उन्हें सीने से संबंधित समस्या हुई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है।
इसी बीच झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।
निशिकांत दुबे का ट्वीट और सवाल
निशिकांत दुबे ने अपने ट्वीट में लिखा कि सोनिया गांधी का इलाज सर गंगाराम अस्पताल (एक प्राइवेट अस्पताल) में हो रहा है, जहां आरक्षण लागू नहीं होता। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा – अगर आप एम्स जैसे सरकारी अस्पताल में इलाज कराते तो वहां 60 प्रतिशत आरक्षण के डॉक्टर मिलते। क्या आपका भरोसा सरकारी अस्पतालों पर नहीं है?

दुबे ने आगे कहा कि सोनिया गांधी का इलाज डॉक्टर अजय स्वरूप कर रहे हैं, जो आरक्षित वर्ग के डॉक्टर नहीं हैं। उन्होंने सोनिया जी के स्वस्थ होने की कामना करते हुए राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस की क्या हालत बना दी है। साथ ही जॉर्ज सोरोस के कहने पर समाज को बांटकर देश तोड़ने का भी आरोप लगाया।
राहुल गांधी के बयान का संदर्भ
यह हमला राहुल गांधी के हालिया बयान के जवाब में आया है। राहुल गांधी ने अपोलो जैसे प्राइवेट अस्पतालों में दलित, पिछड़े या आदिवासी वर्ग के डॉक्टर न होने का दावा किया था। निशिकांत दुबे ने इसी को लेकर सोनिया गांधी के इलाज का उदाहरण दिया और कहा कि गांधी परिवार खुद प्राइवेट अस्पतालों को प्राथमिकता देता है, जबकि आरक्षण की बात सार्वजनिक मंचों पर करता है।
सर गंगाराम अस्पताल में सोनिया गांधी का इलाज
सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली का एक प्रसिद्ध प्राइवेट मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है। सोनिया गांधी पहले भी यहां इलाज करा चुकी हैं। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि सोनिया जी की स्थिति स्थिर है और कोई गंभीर चिंता नहीं है। प्रियंका गांधी भी अस्पताल में अपनी मां के पास मौजूद हैं।
आमतौर पर उच्च पदस्थ नेता और आमजन दोनों ही बेहतर सुविधाओं के लिए
प्राइवेट अस्पतालों को चुनते हैं, क्योंकि यहां इंतजार कम होता है और उपकरण आधुनिक होते हैं।
सरकारी अस्पताल जैसे एम्स में भीड़ ज्यादा होने और प्रक्रिया लंबी होने की शिकायत आम है।
आरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं पर बहस
निशिकांत दुबे का सवाल आरक्षण नीति और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर एक बड़ी बहस को छेड़ता है।
- सरकारी अस्पतालों (जैसे एम्स) में डॉक्टरों की भर्ती में SC/ST/OBC के लिए आरक्षण लागू होता है।
- प्राइवेट अस्पतालों में मेरिट के आधार पर डॉक्टरों की नियुक्ति होती है, आरक्षण लागू नहीं होता।
दुबे का तर्क है कि अगर आरक्षण वाले डॉक्टर बेहतर हैं तो गांधी परिवार उन्हें क्यों नहीं चुनता? वहीं कांग्रेस का पक्ष यह रहा है कि
राहुल गांधी प्राइवेट अस्पतालों में सामाजिक विविधता की कमी की बात कर रहे थे।
यह विवाद राजनीतिक है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोहरे मापदंड का आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस की हालत और राजनीतिक संदर्भ
निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस की क्या हालत बना दी है।
वर्तमान में कांग्रेस कई राज्यों में कमजोर स्थिति में है और गांधी परिवार की नेतृत्व शैली पर सवाल उठते रहते हैं।
दुबे ने जॉर्ज सोरोस का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर देश को विभाजित करने का
आरोप भी लगाया, जो भाजपा का पुराना तर्क है।
सोनिया गांधी के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती होने पर निशिकांत दुबे का सवाल राजनीतिक
बिंदु साधने का प्रयास लगता है। स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति की निजी चिंता होती है और
सभी को सोनिया गांधी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करनी चाहिए।
फिर भी यह घटना आरक्षण, प्राइवेट vs सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीतिक दोहरे
मापदंड पर चर्चा का विषय बन गई है। देश में स्वास्थ्य
सुविधाओं को मजबूत बनाने और हर वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने की जरूरत है,
चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल।
