(गोरखपुर से राकेश शर्मा की रिपोर्ट)
गोरखपुर के गोला क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री चतुर्भुजीनाथ मंदिर की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी गोला के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश कराई और अतिक्रमण हटवाया। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने प्रशासन का आभार जताया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कोर्रा गांव में स्थित श्री चतुर्भुजीनाथ मंदिर की कुल भूमि 14 डिसमिल है। लेकिन इसमें से करीब 6 डिसमिल जमीन पर रणविजय गुप्ता और राकेश गुप्ता ने अवैध कब्जा कर रखा था। इसी दौरान एक प्रॉपर्टी डीलर ने आसपास की करीब ढाई एकड़ जमीन खरीदकर प्लाटिंग शुरू कर दी और मंदिर की जमीन को रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की।
बताया गया कि मंदिर की जमीन का अवैध तरीके से बैनामा भी किया गया था, जिससे मामला और जटिल हो गया।
ग्रामीणों की तीन साल की लड़ाई
मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश जायसवाल और ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से इस मामले को लेकर प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे थे। उन्होंने उप जिलाधिकारी से लेकर जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री जनता दरबार तक गुहार लगाई, लेकिन पहले की रिपोर्टों में गड़बड़ी के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा था।
राजस्व अधिकारियों की पूर्व रिपोर्ट में मंदिर की जमीन 12 डिसमिल बताई गई थी और 12 फीट रास्ता दिखाकर प्रॉपर्टी डीलर को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई थी।
उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई पैमाइश
16 मार्च 2026 को शाम करीब 4 बजे उप जिलाधिकारी गोला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके नेतृत्व में राजस्व विभाग ने दोबारा पैमाइश कराई, जिसमें मंदिर की वास्तविक जमीन 14 डिसमिल पाई गई।
इस पैमाइश से पहले की रिपोर्टों में हुई गड़बड़ी और साजिश का खुलासा हो गया।
मौके पर ही संबंधित राजस्व कर्मियों को फटकार लगाई गई।

प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रिंटू शाही को निर्देश दिया कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और
अवैध बैनामा करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है,
उनके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
नवरात्रि के बाद होगी चारदीवारी
प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि नवरात्रि के बाद मंदिर की अतिक्रमण मुक्त
6 डिसमिल जमीन पर चारदीवारी कराई जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
ग्रामीणों में खुशी का माहौल
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि
लंबे समय बाद उन्हें न्याय मिला है।
उन्होंने उप जिलाधिकारी गोला के निष्पक्ष और पारदर्शी कार्य की सराहना की है।
गोरखपुर के गोला क्षेत्र में मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और
निष्पक्षता का उदाहरण है। इससे न केवल धार्मिक स्थलों की
सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि अवैध कब्जों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी जाएगा।
