मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने चार जिंदगियों को खत्म कर दिया। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मनकरा मोड़ के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार कार ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
घटना सोमवार सुबह करीब 6:15 बजे की है, जब एक कार नोएडा की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही कार मनकरा मोड़ के पास पहुंची, तभी बिना नंबर प्लेट की ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक कट से हाईवे पर चढ़ गई। इसी दौरान लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही कार पीछे से ट्रॉली में जा घुसी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रॉली में भरी ईंटें दूर-दूर तक सड़क पर फैल गईं।
हादसे में कौन थे शामिल?
इस हादसे में नैनीताल बैंक के दिल्ली रीजन के मैनेजर दयाल सिंह रावत समेत चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में इंजीनियर भुवन भंडारी, सीनियर अकाउंटेंट सुंदर सिंह और अनिल नेगी शामिल हैं। कार चला रहे हल्द्वानी निवासी योगा टीचर यशदीप पांडे ने पुलिस को बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी।
ये सभी लोग एक साथ नोएडा जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह भीषण हादसा हो गया।
हादसे की वजह क्या रही?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनकरा लिंक मार्ग से आने वाले वाहन हाईवे पर आने वाले वाहनों को साफ दिखाई नहीं देते।
यही वजह है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक हाईवे पर आ गई और तेज रफ्तार कार उससे टकरा गई।
इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट न होना भी नियमों का उल्लंघन है,
जिससे पहचान और जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।
शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश की जा रही है।
प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए हाईवे पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक
नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार,
बिना नंबर वाहन और खराब दृश्यता जैसी समस्याएं लगातार हादसों का कारण बन रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ब्लाइंड स्पॉट्स पर संकेतक और स्पीड कंट्रोल के उपाय जरूरी हैं।
मुरादाबाद का यह हादसा बेहद दुखद और चेतावनी देने वाला है। चार परिवारों ने अपने
प्रियजनों को खो दिया। अब जरूरत है कि प्रशासन सख्ती से
नियम लागू करे और लोग भी सड़क पर सावधानी बरतें, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
