गोरखपुर के जंगल कौड़िया टोल प्लाजा
गोरखपुर के जंगल कौड़िया स्थित टोल प्लाजा पर अनियमितताओं के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद अब कर्मचारियों को नैतिकता और व्यवहार सुधार का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्रवाई के बाद टोल संचालन और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या है पूरा मामला?
जंगल कौड़िया टोल प्लाजा पर लगातार मिल रही शिकायतों और अनियमितताओं के कारण NHAI ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया। शिकायतों में टोल कर्मचारियों द्वारा यात्रियों से अभद्र व्यवहार, नियमों की अनदेखी और संचालन में खामियों की बात सामने आई थी।
इसके बाद NHAI ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों।
प्रशिक्षण सत्र में क्या सिखाया गया?
सोमवार को NHAI की टीम टोल प्लाजा पहुंची और कर्मचारियों को नैतिकता, व्यवहार और सेवा भावना से जुड़ा प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व टीम लीडर अश्वनी चतुर्वेदी, प्रशिक्षक प्रियंका चतुर्वेदी और प्रिया उपाध्याय ने किया।
प्रशिक्षकों ने कर्मचारियों को बताया कि हर यात्री के साथ विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में अभद्रता स्वीकार नहीं की जाएगी।
विवाद की स्थिति में क्या करें?
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि यदि कोई वाहन चालक विवाद करता है या बहस करता है,
तो भी उन्हें शांत रहकर नमस्कार के साथ उसका स्वागत करना चाहिए।
समस्या को खुद सुलझाने के बजाय उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना अधिक उचित होगा।
इससे न केवल विवाद कम होंगे बल्कि टोल प्लाजा पर सकारात्मक माहौल भी बना रहेगा।
फर्स्ट एड की भी दी गई जानकारी
इस प्रशिक्षण सत्र की खास बात यह रही कि कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की भी जानकारी दी गई।
उन्हें सिखाया गया कि किसी आपात स्थिति में यात्रियों की मदद कैसे की जाए और तुरंत क्या कदम उठाए जाएं।
यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव
इस प्रशिक्षण के बाद उम्मीद की जा रही है कि टोल प्लाजा पर यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
विनम्र व्यवहार और सही मार्गदर्शन से यात्रियों और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों में कमी आएगी।
NHAI का यह कदम न केवल अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम है,
बल्कि यह सेवा गुणवत्ता सुधारने का भी प्रयास है।
गोरखपुर के जंगल कौड़िया टोल प्लाजा पर 10 लाख के जुर्माने के बाद कर्मचारियों को दिया गया
नैतिकता प्रशिक्षण एक सकारात्मक पहल है।
इससे टोल संचालन में पारदर्शिता और यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
