गंगा एक्सप्रेसवे
दो माह में शुरू हो सकता है गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के बीच मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज कुमार ने मेरठ में निरीक्षण के दौरान बताया कि एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि अगले दो महीनों के भीतर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी।
तीसरे चरण का थोड़ा काम अभी बाकी
अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल तीसरे चरण में कुछ मामूली काम शेष है, जिसे जल्द पूरा किया जा रहा है।
निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि बचा हुआ काम निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि एक्सप्रेसवे को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद प्रदेश के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
अधिकारियों ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण
रविवार को मेरठ पहुंचे स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार ने मंडलायुक्त भानुचंद्र गोस्वामी और जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के साथ गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और निर्माण की गुणवत्ता व प्रगति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है।
औद्योगिक गलियारा और टोल प्लाजा तकनीक की भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे के साथ विकसित किए जा रहे
औद्योगिक गलियारे के विस्तार को लेकर भी चर्चा की।
इस एक्सप्रेसवे के आसपास कई औद्योगिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना है,
जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा अधिकारियों ने टोल प्लाजा में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक के बारे में भी जानकारी ली।
एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट टोलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा
जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम और तेज हो सकेगी।
प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक यात्रा का
समय काफी कम हो जाएगा। मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा जहां पहले कई घंटे लेती थी,
वहीं एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
इसके साथ ही यह एक्सप्रेसवे कई जिलों को जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक विकास को भी गति देगा।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जल्द मिलेगा जनता को एक्सप्रेसवे का लाभ
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के अंतिम चरण का काम पूरा होते ही
एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
ऐसे में आने वाले दो महीनों के भीतर मेरठ से प्रयागराज तक का
सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है।
