गोरखपुर, 10 मार्च 2026: रमजान के आखिरी दिनों में सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर इमामबाड़ा स्टेट के सज्जादा नसीन अदनान फर्रूख शाह मियां साहब के निर्देश पर इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने जिलाधिकारी गोरखपुर को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन ईदगाह सफाई व्यवस्था, मस्जिदों पर सुरक्षा और 24 घंटे बिजली आपूर्ति जैसी अहम मांगों पर केंद्रित है, ताकि चांद रात और ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
चांद रात और ईद पर विशेष सफाई व सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चांद के दीदार के अनुसार ईद 20 या 21 मार्च को मनाई जाएगी। इस दौरान सभी ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में सुबह से नमाज का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन और नगर निगम से अपेक्षा की गई है कि ईदगाहों के आसपास समुचित सफाई सुनिश्चित की जाए। पानी के टैंकरों की व्यवस्था हो, खासकर गर्मी के मौसम में। इसके अलावा, सुरक्षा के मुद्दे पर नजर रखते हुए पुलिस बल, यातायात पुलिस और नगर निगम अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहें।
ईद के दिन 24 घंटे विद्युत आपूर्ति अनिवार्य हो, शहर में कहीं भी बिजली कटौती न हो। आवारा पशुओं और प्रतिबंधित जानवरों को उस दिन पूरी तरह रोका जाए। कमेटी ने सुझाव दिया कि ईद से पूर्व जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सज्जादा नसीन अदनान फर्रूख शाह मियां साहब के साथ बैठक करें, ताकि संभावित समस्याओं का पूर्व समाधान हो सके। यह कदम गोरखपुर जैसे शहर में धार्मिक आयोजनों को सुगम बनाने के लिए बेहद जरूरी है, जहां बड़ी संख्या में मुसलमान समुदाय नमाज अदा करते हैं।
चांद रात पर बाजारों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने विशेष रूप से चांद रात के बाजारों का जिक्र किया। शाह मारुफ, जाफरा बाजार, रसूलपुर मंदिर के पीछे बड़ी तादाद में बाजार लगता है। यहां पुलिस की समुचित व्यवस्था, नगर निगम द्वारा वैकल्पिक बिजली और महिला पुलिस की तैनाती की मांग की गई है। भीड़भाड़ वाले इन इलाकों में यातायात प्रबंधन और सुरक्षा पर फोकस जरूरी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। गोरखपुर में रमजान के दौरान ये बाजार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं, लेकिन सुरक्षा के बिना जोखिम बढ़ जाता है।
जुमे की अलविदा नमाज के लिए भी तैयारी
महासचिव हाजी सोहराब खान ने 13 मार्च को होने वाली जुमे की अलविदा नमाज पर जोर दिया। सभी मस्जिदों में बड़ी तादाद में नमाज अदा होगी। इसलिए मस्जिदों के आसपास सफाई की विशेष व्यवस्था, पुलिस कर्मियों की ड्यूटी और यातायात पुलिस की तैनाती हो। इससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी। रमजान 2026 में गोरखपुर जिले में सैकड़ों मस्जिदें और ईदगाहें सक्रिय रहेंगी, जहां हजारों श्रद्धालु जुटेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में आफताब अहमद, शकील शाही, सैयद वसीम, इकबाल कबीर, अली मोहम्मद वसीम, मोहम्मद अनीस, एडवोकेट अदील अख्तर खान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। यह घटना गोरखपुर में धार्मिक सद्भाव और प्रशासनिक सहयोग को मजबूत करने का संदेश देती है। जिला प्रशासन की ओर से जल्द प्रतिक्रिया की उम्मीद है, ताकि रमजान का समापन खुशी से हो।
