बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के स्पष्ट निर्देशों पर गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र 323 में कांशीराम जयंती की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक 2026 में 15 मार्च को लखनऊ में मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। पार्टी के संस्थापक कांशीराम साहब की जयंती पर “लखनऊ चलो” का नारा दिया गया है, जहां लाखों कार्यकर्ता शामिल होंगे। गोरखपुर ग्रामीण की यह बैठक दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों में एकजुटता और उत्साह बढ़ाने वाली साबित हुई।
बैठक की अध्यक्षता और मुख्य अतिथि
बैठक की कुशल अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष रामू भारती जी ने की। मुख्य अतिथि मंडल प्रभारी जितेंद्र कुमार निरज जी रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा दी। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व प्रत्याशी जावेद सिमनानी जी और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा प्रभारी राजेश कुमार मलिक जी शामिल हुए। उन्होंने मायावती जी के निर्देशों पर अमल करने और कांशीराम साहब के सिद्धांतों—”बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय”—को जीवंत करने का आह्वान किया। बैठक का संचालन कोषाध्यक्ष विनोद निषाद जी ने किया, जो संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते रहे।
प्रमुख कार्यकर्ताओं की भागीदारी और नई नियुक्ति
बैठक में सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रदीप निषाद, राजकार निषाद, सुरेश निषाद, राधेश्याम निषाद, दिनेश कुमार, राजकुमार, आदिल, अमरेश चंद, अमरनाथ, जयचंद राज, रुदल, राजेश कुमार, मुकेश चंद्र, शेष कुमार और रवि प्रकाश प्रमुख थे। इनकी मौजूदगी ने गोरखपुर ग्रामीण में BSP की जमीनी ताकत को रेखांकित किया। भाईचारा कमेटी के जिला संयोजक प्रदीप निषाद की उपस्थिति में महेन्द्र विश्वकर्मा जी को गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा का भाईचारा कमेटी संयोजक मनोनीत किया गया। यह नियुक्ति पार्टी की समावेशी नीति को मजबूत करेगी, जो विभिन्न समुदायों में भाईचारा बढ़ावा देती है।
कांशीराम जयंती के लिए ऐतिहासिक संकल्प
बैठक का मुख्य आकर्षण सामूहिक संकल्प रहा, जहां सभी कार्यकर्ताओं ने प्रतिज्ञा ली कि 15 मार्च 2026 को लखनऊ पहुंचकर कांशीराम साहब की जयंती को भव्य और ऐतिहासिक बनाएंगे। लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर होने वाला यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय, दलित उत्थान और बहुजन एकता पर केंद्रित होगा। मायावती जी के नेतृत्व में BSP 2027 विधानसभा चुनावों में मजबूत वापसी की तैयारी कर रही है।
गोरखपुर ग्रामीण से निकली यह ऊर्जा पूर्वांचल में फैलेगी, जहां पार्टी संगठनात्मक विस्तार पर फोकस कर रही है।
मायावती के महत्वपूर्ण निर्देश और राजनीतिक महत्व
मायावती जी ने निर्देश दिए हैं कि कांशीराम जयंती को शक्ति प्रदर्शन के रूप में मनाया जाए।
यह आयोजन बहुजन वोट बैंक को एकजुट करने और
राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनेगा। गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में ऐसी बैठकों से
BSP की जमीनी पकड़ मजबूत हो रही है। कांशीराम साहब के विचार
आज भी पार्टी की दिशा तय करते हैं, और यह बैठक उस दिशा में एक कदम है।
निष्कर्ष गोरखपुर ग्रामीण BSP की यह बैठक कांशीराम जयंती 2026 की सफल तैयारियों का प्रमाण है।
मायावती जी के नेतृत्व में बहुजन समाज मजबूत हो रहा है।
सभी कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर इतिहास रचने को तैयार हैं। जय भीम, जय भारत, जय कांशीराम!
