अयोध्या राम मंदिर
अयोध्या में राम मंदिर के परिसर में एक ऐतिहासिक समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। 19 मार्च 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम नाम मंदिर की स्थापना करेंगी और श्रीराम यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम नव संवत्सर के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जिसे रामनगरी में एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
राम नाम मंदिर स्थापना: राष्ट्रपति की उपस्थिति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह की मुख्य अतिथि होंगी। वे राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी। कार्यक्रम के दौरान वे राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना करेंगी। यह पहली बार होगा जब राम मंदिर परिसर में राष्ट्रपति द्वारा ऐसा कोई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा। समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी तैयारी कर ली है।
51 वैदिक आचार्यों का नेतृत्व: काशी के पंडित गणेश्वर शास्त्री प्रमुख
समारोह में दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के कुल 51 वैदिक आचार्य विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। इन अनुष्ठानों का नेतृत्व पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री (काशी) करेंगे। आचार्यों की टीम वेद मंत्रों, हवन, जप और अन्य वैदिक विधियों से कार्यक्रम को पूर्ण वैदिक स्वरूप देगी। यह आयोजन राम भक्ति और वैदिक परंपरा का अनुपम संगम होगा।
5000 से अधिक विशिष्ट मेहमान: दर्शन व्यवस्था में विशेष इंतजाम
ट्रस्ट ने समारोह के लिए 5000 से अधिक विशिष्ट मेहमानों की सूची अंतिम रूप दे दी है। इनमें देश भर के संत-महंत, राजनीतिक हस्तियां, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, दानदाता और भक्त शामिल हैं। पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम में दर्शन सुचारु रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। राम मंदिर परिसर में अलग-अलग प्रवेश द्वार, कतार प्रबंधन, वॉलंटियर्स और सीसीटीवी निगरानी के साथ व्यवस्था की गई है ताकि भीड़भाड़ न हो और सभी को सुगम दर्शन मिल सकें।
नव संवत्सर समारोह: रामनगरी में उत्साह का माहौल
19 मार्च को नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) का प्रारंभ भी होगा। राम मंदिर परिसर में होने वाला
यह कार्यक्रम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
राम नाम मंदिर की स्थापना से राम भक्तों को एक नया केंद्र मिलेगा,
जहां निरंतर राम नाम जप और भजन होंगे। ट्रस्ट ने बताया कि यह मंदिर राम नाम की महिमा को और बढ़ाएगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था: पुलिस अलर्ट
अयोध्या पुलिस और प्रशासन ने समारोह को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है।
राष्ट्रपति की यात्रा के कारण यातायात प्रतिबंध, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भक्तों से अपील की गई है कि वे समय से पहुंचें और निर्देशों का पालन करें।
राम भक्ति का नया अध्याय
19 मार्च 2026 का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा
राम नाम मंदिर की स्थापना और 51 वैदिक आचार्यों का अनुष्ठान राम भक्ति को नई ऊर्जा देगा।
लाखों भक्त इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। रामनगरी में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।
