महराजगंज बृजमनगंज
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार आरोपी मुर्तजा का शव शुक्रवार दोपहर घर में फंदे से लटका मिला। पुलिस की तलाश के बीच यह आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।
घटना का क्रम: घरेलू विवाद ने लिया हिंसक रूप
बृजमनगंज थाना क्षेत्र के सौरहा खास गांव निवासी मुर्तजा और उसकी पत्नी (नजमा या आयशा खातून, विभिन्न रिपोर्ट्स में नाम भिन्न) के बीच डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। गुरुवार शाम करीब 4 बजे पत्नी अपने माता-पिता (आयशा और बुनियाद अली) के साथ ससुराल सामान लेने आई थी। पति-पत्नी के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। गुस्से में मुर्तजा ने कुल्हाड़ी से हमला कर पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया।
मृतका की मां ने बृजमनगंज थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुर्तजा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और तलाश शुरू कर दी। पुलिस विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही थी।
फंदे से लटका मिला शव: आत्महत्या का प्रारंभिक संदेह
हत्या के ठीक 24 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीणों ने मुर्तजा के घर में उसका शव कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। किसी ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार और थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
सीओ अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस फोरेंसिक टीम से जांच करा रही है।
अपराध स्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन हत्या के अपराधबोध से
ऐसा कदम उठाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच और ग्रामीणों में आक्रोश
पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं,
क्योंकि हत्या के बाद आरोपी घर पर ही था और पुलिस को नहीं मिला।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। परिवार और गांव वाले दोनों मौतों से सदमे में हैं।
यह मामला घरेलू विवादों में हिंसा के खतरनाक परिणाम को दर्शाता है।
घरेलू विवाद रोकने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटे-छोटे विवाद बड़े हादसे का रूप ले सकते हैं।
महराजगंज पुलिस जांच पूरी कर रही है। यदि आत्महत्या साबित हुई, तो मामला बंद हो सकता है,
लेकिन हत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच जरूरी है।
समाज में जागरूकता और काउंसलिंग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
