बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। सोमवार रात करीब 12 बजे एक 12वीं कक्षा की मासूम छात्रा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपी ने पहले दुष्कर्म का प्रयास किया, विरोध पर छात्रा को गोली मारकर फरार हो गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत आरोपी मंदीप को मुठभेड़ में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कलवारी थाने का मुख्य आरक्षक गोली लगने से घायल हो गया। बस्ती पुलिस ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया, जिसमें आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की और जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की।
घटना की पूरी समयरेखा: सोमवार रात की भयावह वारदात
कलवारी थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में रहने वाली 12वीं की छात्रा घर लौट रही थी या घर में सो रही थी, जब आरोपी मंदीप ने दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने छात्रा को गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला दुष्कर्म के प्रयास और हत्या का दोहरा अपराध है। पीड़िता के परिवार ने आरोपी मंदीप पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई, जो इलाके का ही निवासी है। एसपी बस्ती ने तत्काल विशेष टीम गठित की, जिसमें कलवारी थाने की फोर्स शामिल थी। यह घटना उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराधों की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जहां प्रेम प्रसंग या स्टॉकिंग से जुड़े मामले हिंसक रूप ले लेते हैं।
ऑपरेशन लंगड़ा: मुठभेड़ में आरोपी को कैसे पकड़ा गया
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी मंदीप जंगल या माझा खुर्द इलाके में छिपा है और अंबेडकरनगर भागने की फिराक में था। शुक्रवार सुबह कलवारी थाने की टीम, एसओजी और स्वाट की संयुक्त टीम ने छापेमारी शुरू की। जैसे ही आरोपी को घेरा गया, उसने अपनी पिस्तौल से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसी दौरान थाने का मुख्य आरक्षक गोली का शिकार हो गया, जिसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी से 1 पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और 3 खोखे बरामद हुए। एसएसपी बस्ती ने बताया कि ऑपरेशन लंगड़ा सफल रहा और आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह मुठभेड़ बस्ती पुलिस की सतर्कता, समन्वय और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का जीता-जागता उदाहरण है।
महिलाओं की सुरक्षा: समाज और पुलिस की चुनौती
यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। दिसंबर 2025 से आरोपी फरार था,
जिसमें पहले से रेप और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज था। फिर भी वह वापस आकर हत्या कर सका।
बस्ती पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं को
रोकने के लिए जागरूकता, समय पर कार्रवाई और सामाजिक बदलाव जरूरी है।
पीड़िता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और आरोपी को सख्त सजा।
बस्ती मुठभेड़ ने पुलिस की बहादुरी दिखाई, लेकिन छात्रा की मौत एक दर्दनाक याद दिलाती है।
कलवारी थाना न्यूज़ में यह घटना महिलाओं की सुरक्षा के लिए चेतावनी है।
बस्ती पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण के प्रयासों में जुटी है, ताकि ऐसी वारदातें दोबारा न हों।
