योगी आदित्यनाथ ने होली मिलन समारोह
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर में बुधवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही सदैव विजयी होती हैं। उन्होंने सनातन धर्म की श्रेष्ठता पर जोर देते हुए कहा कि होली जैसे पर्व में न भेदभाव होता है और न ही छुआछूत। ऐसे पर्वों का अहसास न होने वाले लोग ही सनातन धर्म पर प्रश्न उठाते हैं।
गोरखनाथ मंदिर में हुआ भव्य होली मिलन समारोह
गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित इस होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संतों, श्रद्धालुओं और आमंत्रित अतिथियों पर फूलों की बौछार की। उन्होंने हर किसी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। योगी ने कहा कि होली का पर्व रंगों का त्योहार होने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा, एकता और प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व समाज में भाईचारे और सद्भावना का संदेश देता है।
सकारात्मक vs नकारात्मक सोच: योगी का गहरा संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाज में मौजूद दो प्रकार की ताकतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “समाज में हमेशा दो प्रकार की ताकतें कार्य करती हैं – एक अच्छी सोच वाली और दूसरी नकारात्मक सोच वाली। नकारात्मक सोच वाली ताकतें विध्वंसात्मक गतिविधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि सकारात्मक सोच वाली ताकतें अच्छी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ती हैं और उनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।”
योगी ने आगे कहा कि होलिकोत्सव का आयोजन भी सकारात्मक सोच का सुंदर उदाहरण है। यह पर्व शांति, आनंद, उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाले लोग ही
जीवन में सफलता और विजय प्राप्त करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि
वे नकारात्मकता से दूर रहें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ समाज के निर्माण में योगदान दें।
सनातन धर्म की श्रेष्ठता और होली का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली जैसे पर्व समाज में समानता और
प्रेम का संदेश देते हैं। यहां न कोई ऊंच-नीच का भेद है और न छुआछूत। ऐसे पर्वों का महत्व समझने वाले लोग ही
सनातन संस्कृति की रक्षा करते हैं। जो लोग इन पर्वों का अहसास नहीं रखते,
वही सनातन धर्म पर अनावश्यक प्रश्न उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली का
रंग सिर्फ बाहरी नहीं, बल्कि मन के भीतर उतरना चाहिए, जो प्रेम, सद्भाव और एकता का प्रतीक है।
गोरखपुर में योगी की मौजूदगी से उत्साह का माहौल
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी से पूरा समारोह उत्साह से भर गया। हजारों श्रद्धालु और संतों
ने योगी का स्वागत किया। फूलों की वर्षा, रंगों की होली और मधुर भजन-कीर्तन ने माहौल को दिव्य बना दिया।
यह आयोजन गोरखपुर में होली के उत्सव को नई ऊर्जा देता है और
सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश न केवल होली के अवसर पर, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मकता
अपनाने की प्रेरणा देता है। सकारात्मक सोच वाली ताकतें ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाती हैं।
